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जानलेवा बीमारी डायबिटीज मेलिटस के कारण, लक्षण और उपचार

डायबिटीज (Diabetes) एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर में इंसुलिन यानि शर्करा का उत्पादन रक्त में सामान्य स्तर से ज्यादा बढ़ जाता है, जिसकी वजह से शरीर के काम करने की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। डायबिटीज( Diabetes) एक आनुवांशिक बीमारी भी है। डायबिटीज मेलिटस (Diabetes Mellitus) उन रोगों का समूह होता है जिसकी वजह से रक्त में अत्याधिक शर्करा यानि इंसुलिन का उत्पादन होता है। डायबिटीज मेलिटस (Diabetes Mellitus) में टाइप 1 डायबिटीज (Type 1Diabetes) , टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) डायबिटीज, प्री डायबिटीज (Pre Diabetes) और प्रेग्नेंसी डायबिटीज(Pregnancy Diabetes) को शामिल किया जाता है।

जानलेवा बीमारी डायबिटीज मेलिटस के कारण, लक्षण और उपचार

Diabetes Mellitus Symptoms Causes and Treatment

डायबिटीज (Diabetes) एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर में इंसुलिन यानि शर्करा का उत्पादन रक्त में सामान्य स्तर से ज्यादा बढ़ जाता है, जिसकी वजह से शरीर के काम करने की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। डायबिटीज( Diabetes) एक आनुवांशिक बीमारी भी है। डायबिटीज मेलिटस (Diabetes Mellitus) उन रोगों का समूह होता है जिसकी वजह से रक्त में अत्याधिक शर्करा यानि इंसुलिन का उत्पादन होता है। डायबिटीज मेलिटस (Diabetes Mellitus) में टाइप 1 डायबिटीज (Type 1Diabetes) , टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) डायबिटीज, प्री डायबिटीज (Pre Diabetes) और प्रेग्नेंसी डायबिटीज(Pregnancy Diabetes) को शामिल किया जाता है।
हाल ही में WHO के एक शोध के मुताबिक लगभग 150 मिलियन लोगों को दुनिया भर में डायबिटीज( Diabetes) की बीमारी है, और यह संख्या वर्ष 2025 तक अच्छी तरह से दोगुनी हो सकती है। इसलिए आज हम आपको डायबिटीज मेलिटस (Diabetes Mellitus) क्या है, उसके लक्षण और उपचार बता रहे हैं।

डायबिटीज मेलिटस क्या है ( What s Diabetes Mellitus

डायबिटीज मेलिटस (Diabetes Mellitus) उन रोगों का समूह होता है जिसमें अग्नाशय में शर्करा यानि इंसुलिन के अत्याधिक उत्पादन की वजह से शरीर की कई प्रणालियों खासकर रक्त वाहिकाओं और तंत्रिकाओं को नुकसान पहुंचता है।

टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) वो स्थिति है जिसमें खून में शक्कर (ग्लूकोज़) का स्तर बढ़कर लंबे समय तक शरीर की काम करने की प्रक्रियाओं पर असर डालती है। टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes)को सामान्य डायबिटीज( Diabetes) भी कहा जाता है। ये रोग वयस्कों में सबसे अधिक देखा जाता है।
जबकि टाइप 1 डायबिटीज (Type 1Diabetes) एक गंभीर स्थिति मानी जाती है, जिसमें अग्न्याशय बहुत कम मात्रा में इंसुलिन बनाता है या नहीं बनाता। टाइप 1 डायबिटीज बच्चों और किशोरों में सबसे ज्यादा असर डालती है।
प्री डायबिटीज (Pre Diabetes) ऐसी अवस्‍था जिसमें खून में शक्कर अधिक हो जाती है, लेकिन इतनी अधिक नहीं होती कि उसे टाइप 2 डायबिटीज कहा जाए।
प्रेग्नेंसी डायबिटीज(Pregnancy Diabetes) में खून में शक्कर की अधिक मात्रा होने पर इसका असर गर्भवती महिलाओं के साथ बच्चे पर भी बुरा असर होता है। इसमें जन्मजात विकृतियां, जन्म के समय वजन में वृद्धि और प्रसवकालीन मृत्यु दर का बढ़ना शामिल है।

डायबिटीज मेलिटस के कारण (Diabetes Mellitus Cauases)

1. जनसंख्या वृद्धि

लगातार जनसंख्या बढ़ना भी डायबिटीज( Diabetes) जैसी गंभीर बीमारी के होने की एक आम वजह है। क्योंकि जनसंख्या बढ़ने की वजह से लोगों को संतुलित और पौषक तत्वों वाला आहार नहीं मिल पाता है जिसकी वजह से वो इस बीमारी के शिकार हो जाते है।

2. अस्वास्थ्यकर आहार

जंक फूड और अनहेल्दी फूड का बार-बार सेवन करना भी डायबिटीज( Diabetes) की बीमारी का एक कारण है।

3. मोटापा

गलत खान-पान की आदतों और एक्सरसाइज न करने की वजह से मोटापा बढ़ने लगता है जिससे डायबिटीज( Diabetes) की बीमारी होने का खतरा हमेशा बना रहता है।

4. बिगड़ी लाइफस्टाइल

एक्सरसाइज न करना और जंक फूड, अनहेल्दी फूड और असमय खाना खाने की आदतों की वजह से भी लोग अक्सर डायबिटीज( Diabetes)
का शिकार हो जाते हैं।

डायबिटीज मेलिट्स के लक्षण (Diabetes Mellitus Symptoms)

टाइप 1 डायबिटीज के लक्षण :

1. अत्याधिक मूत्र (पॉल्यूरिया) आना

2. अत्याधिक प्यास (पॉलीडिप्सिया) लगना
3. वजन घटाना
4. थकावट महसूस होना
5. चोट या घाव का जल्द ठीक न होना

टाइप 2 डायबिटीज के लक्षण प्रारंभिक अवस्था में दिखाई नहीं देते, इस रोग का पता हमेशा कई सालों बाद ही लगाया जाता है। जिसके बाद ही इसका उपचार किया जा सकता है।

डायबिटीज मेलिट्स के उपचार (Diabetes MellitusTreatment)

1. संतुलित आहार

अगर आप डायबिटीज( Diabetes) की बीमारी से परेशान हैं, तो सबसे पहले अपने संतुलित आहार लेना शुरू करें। जिसमें कैल्शियम, प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम आदि पौषक तत्वों के आहार को शामिल किया जाए। साथ ही हर 2 घंटे में कुछ न कुछ खाते रहें। कभी भी लंबे समय तक भूखे न रहें। इसके साथ ही आलू, चावल जैसी शर्करा वाले खाद्यों का सेवन कम करें।

2. शारीरिक गतिविधि का ज्यादा उपयोग

अगर आप डायबिटीज( Diabetes) से पीड़ित है, तो ऐसे में ज्यादा से ज्यादा शारीरिक गतिविधि यानि ज्यादा चलना, काम करना आदि बेहद फायदेमंद रहता है। इससे शरीर का इंसुलिन स्तर सामान्य रखने में मदद मिलती है।

3. इंसुलिन इंजेक्शन लगवाना

डायबिटीज( Diabetes) की बीमारी में शरीर की इंसुलिन स्तर सामान्य रखने के लिए बाजार में इंसुलिन इंजेक्शन भी उपलब्ध हैं, लेकिन इनका उपयोग हमेशा डॉ़क्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।

टाइप 2 डायबिटीज के उपचार

1. संतुलित आहार
2. शारीरिक गतिविधि का ज्यादा उपयोग
3. इंसुलिन पर निर्भर नहीं होते

डायबिटीज या डायबिटीज डायबिटीज मेलिटस के बढ़ने पर होने वाले अन्य रोग

1.डायबिटिक रेटिनोपैथी अंधेपन

डायबिटीज( Diabetes) का समय पर उपचार न करना शरीर के बाकी अंगों यानि आंखों, किडनी, दिल पर बेहद बुरा असर डालता है। जिसमें सबसे ज्यादा असर आंखों में मौजूद रेटिना पर पड़ता है। जिसकी वजह से लोग कई बार अंधेपन तक का शिकार हो जाते हैं।

2.ग्लूकोमा और मोतियाबिंद

डायबिटीज( Diabetes) के लंबे समय तक उपचार या इलाज न करवाने की स्थिति में रेटिना के अलावा आंखों से जुड़ी ग्लूकोमा और मोतियाबिंद जैसी बीमारी की वजह से भी आंखों की रोशनी जाने का खतरा बना रहता है। एक शोध के मुताबिक, डायबिटीज( Diabetes) के 15 साल में लगभग 2% लोग अंधे हो जाते हैं, जबकि लगभग 10% गंभीर आंखों की बीमारी से पीड़ित हो जाते हैं।
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