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Sunil Gavaskar Birthday : सुनील गावस्कर विवाद, सफलता और फिर उनका रिकॉर्ड

सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) से जुड़े विवाद का एक किस्सा याद आता है जब लगा कि गावस्कर का क्रिकेट कैरियर यहीं खत्म हो जाएगा पर किस्मत ने उन्हें बचा लिया ये किस्मत बनकर आए थे ग्रुप कैप्टन शाहिद अली खां दुर्रानी, जिन्होंने गावस्कर को मैदान के अन्दर धकेल दिया और गावस्कर पर प्रतिबंध लगते लगते बच गया।

Gavaskar Birthday : जितना सफलता से उतना ही विवादों से रहा नाता, पांच साल का प्रतिबंध लगते-लगते बचाSunil Gavaskar Birthday Controversy Success Equal with gavaskar record

अपने जमाने के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज रहे सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) बुधवार को 69 साल के हो जाएंगे। 10 जुलाई 1949 को मुंबई में जन्मे छोटे कद के सुनील गावस्कर ने बचपन से ही कलम के साथ बल्ला पकड़ा। गावस्कर फ्लिक, कवर, और मिड ऑन की दिशा शॉट खेलकर इतिहास पर इतिहास बनाते गए। उनके द्वारा बनाए गए कई रिकॉर्ड तो कई साल तक उन्हीं के नाम अंकित रहे।

गावस्कर का जितना सफलता से नाता रहा उतना ही विवादों से भी रहा। जब एकदिवसीय विश्वकप (ODI World Cup) के शुरुआती मैच में इंग्लैंड के खिलाफ ओपनर गए गावस्कर ने पूरे 60 ओवर क्रीज पर बिताए और रन बनाए सिर्फ 36। इन 36 रनों को बनाने के लिए गावस्कर ने कुल 174 गेंद खेली। इस पारी को क्रिकेट विश्लेषको ने गावस्कर द्वारा एकदिवसीय क्रिकेट का विरोध बताया तो वहीं कुछ ने टीम सेलेक्शन से गावस्कर की नाराजगी बताई।

गावस्कर से जुड़े विवाद का एक और किस्सा याद आता है जब लगा कि अब गावस्कर का क्रिकेट कैरियर यहीं खत्म हो जाएगा पर किस्मत ने उन्हें बचा लिया ये किस्मत बनकर आए थे ग्रुप कैप्टन शाहिद अली खां दुर्रानी (Shahid Ali Khan Durrani) जिन्होंने गावस्कर को मैदान के अन्दर धकेल दिया और गावस्कर पर प्रतिबंध लगते लगते बच गया।


बात 1981 कि है भारत ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर टेस्ट सीरीज खेलने गया था। भारत पहला मैच एक पारी और चार रन से हार गया। एडीलेड में हुआ दूसरा टेस्ट ड्रा हुआ। तीसरे और आखिरी टेस्ट मेलबार्न में खेला जा रहा था। टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने गेंदबाजी की और भारत को 237 रन पर समेट दिया, जवाब में कंगारुओं ने 419 रन बनाकर 181 रन की बढ़त हासिल कर ली। लगा कि भारत अब इस मैच में औपचारिकता ही निभाने मैदान में उतरेगा।

दूसरी पारी की शुरुआत हुई भारत ने अच्छी शुरुआत हुई। 70 रन पर खेल रहे सुनील गावस्कर को इसी समय आउट दे दिया जाता है। इसके बाद तो जो हुआ वो इतिहास में दर्ज हो गया। अंपायर वाइटहैट ने गावस्कर को डेनिस लिली की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया। गावस्कर को लगा कि गलत आउट दिया गया है वो चेतन चौहान (Chetan Chauhan) के साथ क्रीज पर ही खड़े रहे।

इसी दौरान डेनिस लिली ने गावस्कर के पास इशारा किया कि गेंद पैड के इस हिस्से में लगी है। इसके बाद तो बहस विवाद में बदल गई। गावस्कर ने दूसरे पार्टनर चेतन चौहान का हाथ पकड़ा और उन्हें लेकर मैदान से बाहर जाने लगे। चेतन समझाते रहे पर गावस्कर को कुछ समझ नहीं आया।


इसी दौरान चेतन ने टीम मैनेजमेंट की तरफ इशारा किया। तत्कालीन टीम मैनेजर शाहिद अली खां दुर्रानी दौड़ते हुए आए और सुनील जैसे ही बाउड्री के बाहर कदम रखने वाले थे उन्हें मैदान की ओर धक्का देकर गिरा दिया।

गुस्से में अगर सुनील गावस्कर मैदान के बाहर चले जाते तो आईसीसी उनपर 5 साल का प्रतिबंध लगा देती। उस दिन किस्मत लिटिल मास्टर के साथ थी। अगले पांच साल गावस्कर ने जमकर रन बनाए, खूब शतक मारे, 1983 में भारत द्वारा जीते गए क्रिकेट विश्वकप का हिस्सा रहे। क्रिकेट में खूब नाम कमाया। पहले 10 हजार रन बनाने वाले बने, डॉन ब्रेडमैन के 29 शतकों के रिकॉर्ड को तोड़कर कैरियर में 34 शतक जड़े।

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