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रेलवे चाइल्ड लाइन को मिला साढ़े चार साल का बच्चा, सीडब्ल्यूसी के संरक्षण में सौंपा

बच्चे के परिवार को ढूंढने के लिए देशभर में चाइल्ड लाइन को अलर्ट भेजा गया है

रेलवे चाइल्ड लाइन को मिला साढ़े चार साल का बच्चा, सीडब्ल्यूसी के संरक्षण में सौंपा
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भोपाल। रेलवे चाइल्ड लाइन को एक लगभग साढ़े चार साल का एक बच्चा मिला है। अहमदाबाद जा रही ट्रेन में यह बच्चा ट्रेन में रो रहा था और आसपास कोई भी अभिभावक नजर नहीं आने पर दो यात्रियों ने इसे जीआरपी को सौंपा था। जिसके बाद जीआरपी पुलिस ने बच्चे को रेलवे चाइल्ड लाइन को सुपुर्द किया। फिलहाल यह बच्चा बाल कल्याण समिति भोपाल के संरक्षण में है।

रेलवे चाइल्ड लाइन कॉर्डिनेटर संजीव जोशी ने बताया कि बच्चे के परिवार को ढूंढने के लिए देशभर में चाइल्ड लाइन को अलर्ट भेजा गया है। उन्होंने बताया कि बच्चा बहुत छोटा है और परिवार के बारे में कुछ विशेष नहीं बता पा रहा। बच्चे को केवल कटनी, मथुरा जैसे कुछ स्टेशन के नाम याद हैं। यही वजह है कि उसे लाने वाले दोनों यात्रियों से बात जानने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्चा संभवत: किस स्टेशन पर परिवार से अलग हुआ होगा। हालांकि, अभी तक कोई जानकारी न मिलने के कारण बच्चे को अभी शेल्टर होम में रखा गया है। बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. कृपाशंकर चौबे ने बताया कि बच्चे के परिवार को खोजने का हर प्रयास किया जा रहा है। दोनों यात्रियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए बच्चे को सुरक्षित हाथों में पहुंचाया। हमारी अपील है कि अन्य लोग भी इस तरह की तत्परता और सतर्कता दिखाएं ताकि बच्चों के साथ अनहोनी होने से उन्हें बचाया जा सके।

मम्मी चाय लेने गई, फिर नहीं आई

बच्चा लगातार यही बात दोहरा रहा है कि अम्मी स्टेशन पर चाय लेने गई थी। बाद में ट्रेन चलने लगी। तब से अब तक अम्मी आई ही नहीं। मुझे अम्मी-अब्बू की याद आ रही है। मुझे उनके पास भेज दो।' रोते हुए लगभग साढ़े चार साल का ना उसे अपने घर का पता याद है और ना ही वह अम्मी-अब्बू का नाम बता पा रहा है। ऐसे में भोपाल रेलवे चाइल्ड लाइन सहित देश भर की चाइल्ड लाइन बच्चे के परिवार की खोज में लगी है, फिलहाल बच्चे के परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

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