Bihar Meat Shop Ban: बिहार सरकार ने राज्य के शहरी इलाकों में स्वच्छता और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए खुले में मांस-मछली की बिक्री के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के नेतृत्व वाले नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी 261 शहरी निकायों को बिना लाइसेंस वाली दुकानों को तत्काल बंद करने का सख्त आदेश दिया है।
बिना लाइसेंस वाली दुकानों पर होगी तालाबंदी
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने विधान परिषद में की गई अपनी घोषणा पर अमल शुरू कर दिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी ताजा निर्देशों के अनुसार, राज्य के सभी शहरों में ऐसी मांस-मछली की दुकानों को चिन्हित किया जाएगा जिनके पास वैध लाइसेंस नहीं है।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नियमों की अनदेखी करने वाली और अवैध रूप से संचालित दुकानों को तुरंत बंद कराया जाए। यह कार्रवाई राज्य के सभी 261 शहरी निकायों में एक साथ प्रभावी होगी।
धारा 345 के तहत लाइसेंस लेना अनिवार्य
डिप्टी सीएम ने साफ कर दिया है कि मीट शॉप चलाने के लिए अब दुकानदारों को नगरपालिका कानून की धारा 345 के तहत अनिवार्य रूप से लाइसेंस लेना होगा।
विजय सिन्हा के अनुसार, दरभंगा में जनसंवाद के दौरान उन्हें खुले में मांस की बिक्री से होने वाली परेशानियों और जनभावनाओं के आहत होने की शिकायतें मिली थीं। इसी को आधार बनाते हुए सरकार ने अब स्वच्छता मानकों और कानूनी प्रावधानों को कड़ाई से लागू करने का फैसला लिया है।
स्वच्छता मानकों का पालन और कड़े निर्देश
नए नियमों के तहत केवल लाइसेंस लेना ही काफी नहीं होगा, बल्कि दुकानों के भीतर स्वच्छता के कड़े मानकों का पालन करना भी जरूरी होगा। सरकार का कहना है कि खुले में मांस-मछली टांगने या बेचने से न केवल स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ते हैं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर चलने वाले लोगों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचती है। जो दुकानदार नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ आर्थिक दंड के साथ-साथ दुकान सील करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
निकाय अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी
विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद अब नगर निगमों और नगर परिषदों के अधिकारियों की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाएंगी। इस जांच में दुकानों की साफ-सफाई, कूड़े के निपटान की व्यवस्था और लाइसेंस की वैधता की जांच की जाएगी।








