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Namo Bharat Train: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 82 किमी लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को हरी झंडी दिखाई। इस पर दिल्ली के आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने तंज कसा है।

Namo Bharat Train: दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस एक संयुक्त परियोजना है, जिसमें केंद्र सरकार के साथ दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्य सरकारों ने मिलकर फंडिंग की है। इस 86 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में तेज और सुविधाजनक यातायात प्रदान करना है। परियोजना की शुरुआत 8 मार्च 2019 को हुई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले इसका शिलान्यास किया।

 यह प्रोजेक्ट विभिन्न चरणों में पूरा हुआ, जिसमें मेरठ मेट्रो भी जुड़ी हुई है। सौरभ भारद्वाज के एक्स पोस्ट में इसे बार-बार उद्घाटन का उदाहरण बताते हुए व्यंग्य किया गया है कि मोदी दुनिया के एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो एक ही प्रोजेक्ट को कई बार लॉन्च कर रहे हैं। पोस्ट में कहा गया है कि यह रिकॉर्ड पिछले 8 सालों में बना है, जो राजनीतिक लाभ के लिए विकास कार्यों के इस्तेमाल पर सवाल उठाता है।

 प्रमुख उद्घाटन की तारीखें

परियोजना के प्रमुख माइलस्टोन में 20 अक्टूबर 2023 को पहला उद्घाटन शामिल है, जब मोदी ने साहिबाबाद से दुहाई तक के सेक्शन को हरी झंडी दिखाई। फिर, 6-7 मार्च 2024 को लोकसभा चुनाव से पहले दुहाई डिपो से मोदीनगर नॉर्थ तक का हिस्सा समर्पित किया गया। 5 जनवरी 2025 को दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले साहिबाबाद से अशोक नगर तक का उद्घाटन हुआ। अंत में, 22 फरवरी 2026 को पूरा कॉरिडोर, जिसमें सराय काले खान से मोदीपुरम तक का 82 किलोमीटर हिस्सा और मेरठ मेट्रो शामिल है, का उद्घाटन किया गया। भारद्वाज के पोस्ट में इन तारीखों को चुनावों से जोड़कर बताया गया है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

सौरभ भारद्वाज के एक्स पोस्ट में मोदी को व्यस्त बताते हुए सवाल किया गया है कि वे बिना असली काम के इतने व्यस्त क्यों हैं? पोस्ट में पूछा गया कि क्या इसका सारा असली काम कोई और कर रहा है, जो केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त योगदान पर इशारा करता है। यह व्यंग्य विपक्ष की उस आलोचना को मजबूत करता है कि विकास परियोजनाओं को बार-बार लॉन्च कर क्रेडिट लिया जा रहा है। हालांकि, समर्थकों का कहना है कि अलग-अलग सेक्शन के उद्घाटन प्रगति दिखाने के लिए जरूरी हैं, और पूरा प्रोजेक्ट क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बदल देगा। भारद्वाज के पोस्ट ने इस परियोजना को राजनीतिक रंग दे दिया है।

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