बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली की एक अदालत ने शनिवार को एक दिल दहला देने वाले मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज अशोक कुमार यादव ने अपनी सगी मां के साथ दुष्कर्म करने के दोषी युवक, किशन लाल, को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अपराधी पर 22 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
2021 की घटना और डीएनए रिपोर्ट से पुष्टि
यह शर्मनाक घटना अक्टूबर 2021 की है। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने किशन लाल के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए किशन लाल के ब्लड सैंपल और पीड़ित मां के कपड़ों को डीएनए टेस्टिंग के लिए भेजा गया था। डीएनए रिपोर्ट में घटना की पुष्टि होने के बाद आरोपी के खिलाफ आरोप पूरी तरह से सिद्ध हो गए।
भूख लगने का बहाना बनाकर कमरे में घुसा था आरोपी
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया था कि 10 अक्टूबर, 2021 की रात किशन लाल ने भूख लगने की बात कहकर उनसे दरवाजा खोलने को कहा था। जैसे ही मां ने दरवाजा खोला, वह जबरन कमरे में घुस गया और उनकी गर्दन पकड़ ली। इसके बाद उसने अपनी ही मां के साथ दुष्कर्म किया और उन्हें जान से मारने की धमकी देकर वहां से फरार हो गया था।
दो बेटों के साथ थाने पहुंचकर दर्ज कराई थी रिपोर्ट
एडिशनल डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट एडवोकेट सुरेश बाबू साहू के अनुसार, पीड़िता 12 अक्टूबर, 2021 को अपने दो अन्य बेटों, प्रदीप और राजेश, के साथ भमोरा पुलिस स्टेशन पहुंची थी। वहां उन्होंने अपने दूसरे बेटे किशन लाल के खिलाफ इस घिनौनी करतूत की लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था।










