Vaibhav Sooryavanshi: अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में 14 साल के भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ऐसा धमाका किया कि क्रिकेट जगत दंग रह गया। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रन ठोके थे। उनकी इस विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने 411 रन का विशाल स्कोर बनाया और मैच 100 रन से जीतकर छठी बार खिताब अपने नाम किया था।
वैभव की पारी सिर्फ बड़ी नहीं थी, बल्कि रिकॉर्ड से भरी हुई थी। उन्होंने 15 चौके और 15 छक्के लगाए और अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बना दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड उन्मुक्त चंद के नाम था, जिन्होंने 111* रन बनाए थे। वैभव ने सिर्फ 55 गेंदों में शतक जड़कर फाइनल का सबसे तेज शतक भी लगाया था। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने कुल 23 छक्के लगाए, जो एक नया रिकॉर्ड बन गया था।
बिहार के वैभव का सम्मान!
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) February 22, 2026
माननीय मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar जी के साथ अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में अभूतपूर्व प्रदर्शन के लिए श्री वैभव सूर्यवंशी जी को 50 लाख रुपए का इनाम देकर सम्मानित किया।
बिहार के लाल और भारतीय क्रिकेट टीम के उज्ज्वल भविष्य वैभव सूर्यवंशी जी नित्य नये… pic.twitter.com/gDyPdWV9R6
इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद बिहार में भी खुशी की लहर है। पटना के अणे मार्ग स्थित संकल्प सभागार में रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वैभव को सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उन्हें 50 लाख रुपये का चेक भेंट किया।
नीतीश कुमार ने कहा कि वैभव ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से बिहार का नाम रोशन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह युवा खिलाड़ी आने वाले समय में भारतीय सीनियर टीम के लिए भी नए रिकॉर्ड बनाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार खेल ढांचे को मजबूत कर रही है।
उन्होंने वैभव को बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा बताया और कहा कि अगर मेहनत और लगन हो तो किसी भी छोटे शहर से निकलकर दुनिया में नाम कमाया जा सकता है। इस मौके पर वैभव के पिता संजीव, भाई उज्ज्वल और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे और इस सम्मान के पल को साझा किया।
कार्यक्रम में बिहार सरकार के कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी भी पहुंचे। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने वैभव की उपलब्धि की तारीफ की।
महज 14 साल की उम्र में इस तरह का प्रदर्शन किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी बात है। हरारे में खेली गई यह पारी अब लंबे समय तक याद रखी जाएगी। बिहार से निकलकर दुनिया के मंच पर चमकने वाले वैभव सूर्यावंशी ने दिखा दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।









