india vs south africa: भारत ने टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप स्टेज में अपने सारे मैच जीते लेकिन आगे की कहानी इतनी आसान नहीं होने वाली। असली टेस्ट अब शुरू होने वाला है। सुपर 8 में आज भारत का सामना खतरनाक साउथ अफ्रीका से है। जीत की लय बरकरार है लेकिन भारतीय बल्लेबाज़ी को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
कागज़ पर सब ठीक दिखता है, मगर मैदान पर तस्वीर थोड़ी अलग रही है। सूर्यकुमार यादव की टीम ने हर मैच जीता, लेकिन कई बार हालात ऐसे बने जब टीम मुश्किल में दिखी और किसी एक खिलाड़ी को मैच बचाना पड़ा। सबसे ज्यादा चर्चा टॉप ऑर्डर की नहीं, बल्कि मिडिल ऑर्डर की बल्लेबाज़ी को लेकर हो रही है। खासकर तिलक वर्मा और सूर्यकुमार की बल्लेबाज़ी की रफ्तार सवालों में है।
टूर्नामेंट के पहले मैच में अमेरिका के खिलाफ सूर्यकुमार ने टीम को मुश्किल से निकाला था। शुरुआत में संभलकर खेले और फिर आखिर में तेजी से रन बनाए। उस मैच में उनका तरीका बिल्कुल सही था। लेकिन उसके बाद वही धीमी शुरुआत हर मैच में दिखी। नामीबिया, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ भी उन्होंने लगभग वही अंदाज़ अपनाया, फर्क सिर्फ इतना रहा कि जब उन्होंने तेज खेलने की कोशिश की तो आउट हो गए।
आंकड़ों पर नजर डालें तो सूर्यकुमार ने चार मैचों में 162 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 136 और औसत 54 है। पहली नजर में ये आंकड़े अच्छे लगते हैं, लेकिन इसमें अमेरिका के खिलाफ उनकी 49 गेंदों पर नाबाद 84 रन की पारी का बड़ा असर है।
दूसरी ओर तिलक वर्मा का प्रदर्शन ज्यादा चिंता बढ़ा रहा। चार मैचों में उन्होंने 106 रन बनाए हैं। औसत 26.5 और स्ट्राइक रेट सिर्फ 120.45। कई मौकों पर वह क्रीज पर असहज दिखे और रन बनाने के लिए काफी गेंदें खर्च कीं। हालांकि शुरुआती मुकाबलों में अभिषेक शर्मा के तीन शून्य भी चर्चा में रहे लेकिन फिलहाल टीम मैनेजमेंट की नजर मिडिल ऑर्डर की गति पर ज्यादा है।
अब चुनौती और बड़ी होने वाली है। सुपर 8 में भारत के सामने सिर्फ दक्षिण अफ्रीका ही नहीं, बल्कि खतरनाक टीमें भी हैं। खासतौर पर उनकी बल्लेबाज़ी लाइन-अप बेहद मजबूत है। इस टीम में एडेन मार्करम, डेवाल्ड ब्रेविस, मार्को यानसेन, कॉर्बिन बॉश, क्विंटन डिकॉक और डेविड मिलर जैसे मैच विनर शामिल हैं। ये खिलाड़ी किसी भी लक्ष्य का पीछा कर सकते हैं और पहले बल्लेबाज़ी करते हुए बड़ा स्कोर भी खड़ा कर सकते हैं।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भी चिंता जताई है। उनका मानना है कि सूर्यकुमार ने अमेरिका वाले मैच के बाद अपनी रणनीति कुछ ज्यादा ही धीमी कर ली है। अब देखने वाली बात यही होगी कि क्या भारत सुपर 8 में गियर बदल पाता है या नहीं। क्योंकि आगे की राह आसान नहीं है।









