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हरियाणा भंडारण निगम के प्रबंधक प्रदीप कुमार गुप्ता को हाई कोर्ट से बड़ी राहत

हाई कोर्ट में दायर याचिका में गुप्ता ने आरोप लगाया कि वर्तमान एमडी ने 8 अप्रैल को पद संभाला था और पसर्नल एजेंडे के तहत पूर्व एमडी के साथ चल रही लड़ाई के चलते उनको निशाना बना रहे है और इसी के चलते उनको नौकरी से हटाया गया है।

हरियाणा भंडारण निगम के प्रबंधक प्रदीप कुमार गुप्ता को हाई कोर्ट से बड़ी राहत
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हरियाणा के दो आईएएस अधिकारियों की लड़ाई के चलते नौकरी से बर्खास्त किए गए हरियाणा भंडारण निगम के प्रबंधक प्रदीप कुमार गुप्ता को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। हाई कोर्ट ने हरियाणा भंडारण निगम एमडी संजीव वर्मा के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसके तहत गुप्ता को नौकरी से हटा दिया गया था। इसी के साथ कोर्ट ने हरियाणा सरकार व हरियाणा भंडारण निगम के एमडी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

हाई कोर्ट में दायर याचिका में गुप्ता ने आरोप लगाया कि वर्तमान एमडी ने 8 अप्रैल को पद संभाला था और पसर्नल एजेंडे के तहत पूर्व एमडी के साथ चल रही लड़ाई के चलते उनको निशाना बना रहे है और इसी के चलते उनको नौकरी से हटाया गया है। याचिका के अनुसार उसने 20 साल तक भारतीय वायू सेना में सेवा दी है और उसका चयन एक हाई पावर कमेटी जिसमें तीन आइएएस थे ने किया था। लेकिन 20 अप्रैल को उसकी सेवा समाप्त कर दी गई। याचिका के अनुसार वर्तमान एमडी का पूर्व एमडी के साथ विवाद है और दोनो ने एक दूसरे के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवा रही है। लेकिन इनकी रस्सकस्ी में उनको बली का बकरा बना कर उसकी सेवा इस आधार पर समाप्त कर दी कि उसके सात साल का अनुभव नहीं है। याचिका के अनुसार उसका अनुभव है लेकिन वर्तमान एमडी ने सेवा नियमों को ताक पर रख कर उसकी मान सम्मान को ठेस पंहुचा कर उसकी सेवा समाप्त कर दी।

मामला क्या है

2009 में हरियाणा भंडारण निगम ने प्रबंधक ग्रेड-1 के दस पद भरने के लिए विज्ञापन निकाला था। इनमें से छह पदों पर नियुक्ति हुई। पहले चार पद व सात नंबर सामान्य श्रेणी, पांच व दस नंबर पद एससी श्रेणी, छह नंबर बीसी-ए श्रेणी, नौ नंबर बीसी बी श्रेणी व आठ नंबर पद एक्स सर्विसमैन सामान्य श्रेणी के लिए आरक्षित था। 103 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, जिनमें से 13 को साक्षात्कार के लिए बुलाया और सामान्य श्रेणी में दो, बीसी-ए, बीसी-बी में एक-एक और एक्स सर्विसमैन सामान्य श्रेणी में एक-एक नियुक्ति की गई।

जांच समिति ने पाया कि एक्स सर्विसमैन कोटे का एक पद था, जबकि नियुक्ति दो पदों पर हुईं। नियुक्ति के लिए गठित कार्यकारी समिति में खेमका भी शामिल थे, जिसने योग्यता पूरी न करने वाले दो उम्मीदवारों को एक्स सर्विसमैन कोटे में नियुक्ति देकर योग्य उम्मीदवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर आपराधिक साजिश रची, इसलिए पीसी एक्ट और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक केस दर्ज किया जाए। व इनकी सेवा समाप्त की जाए। जबकि प्रदीप कुमार गुप्ता ने भारतीय वायु सेना द्वारा जारी अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया है, प्रदीप गुप्ता को 14 नवंबर 1988 को भारतीय वायुसेना में नामांकित किया गया था, वह विशेष रूप से उपकरण फिटर के कर्तव्यों के लिए प्रशिक्षित थे। उन्होंने 20 साल नौकरी की।

दूसरी तरफ हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के प्रवक्ता ने बताया कि यह एक्स पार्टी स्टे है। हाई कोर्ट की तरफ से अभी निगम को कोई नोटिस नहीं मिला है। हाईकोर्ट की ओर से नोटिस मिलने के बाद हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन की ओर से न केवल पूरा पक्ष रखा जाएगा बल्कि तमाम तथ्यों की जानकारी कोर्ट में पेश की जाएगी।

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