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नागू के आगे नाकाम छत्तीसगढ़ पुलिस, सूचना देने वाले को इनाम देने की घोषणा

रेत माफिया नागू ने जिला पंचायत सदस्य को बांधकर पीटा था, बढ़ाई जा रही सिर्फ इनाम की राशि। पढ़िए पूरी खबर-

नागू के आगे नाकाम छत्तीसगढ़ पुलिस, सूचना देने वाले को इनाम देने की घोषणा
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धमतरी। जिला पंचायत सदस्य और उसके साथियों को बांधकर पीटने वाला आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त से दूर है। इस घटना को लगभग 26 दिन हो चुके हैं लेकिन पुलिस प्रशासन उसे पकड़ने में नाकाम रही है, बस आरोपी पर इनाम की रकम बढ़ाई जा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को एक पर इनाम की राशि 5 हजार से बढ़ाकर 20 हजार कर दी गई है। पुलिस इस मामले में अभी तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है लेकिन मुख्य आरोपी के खिलाफ़ कोई सुराग नहीं जुटा पाई है।

यह मामला धमतरी का है, जहां जोरातराई रेत खदान में 18 जून की रात अवैध खनन की सूचना पर जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ध्रुव अपने साथियों के साथ पहुंचे थे। आरोप है कि वहां नागू चंद्राकर ने उनके साथ 3 अन्य लोगों को बंधक बनाकर बेल्ट, डंडे और रॉड से पीटा। इस दौरान टेंट के बाहर से वीडियो भी बनाया गया है। पिटाई के कारण तीनों बेहोश हो गए थे। आरोपी 5 मोबाइल, सोने का चेन, अंगूठी भी लूट ले गए थे।

जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ध्रुव और उनके साथियों को बंधक बनाकर पीटने के मामले का मुख्य आरोपी नागेंद्र उर्फ नागू चंद्राकर है। जानकारी के मुताबिक नागू मुख्य आरोपी अपने 6 साथियों के साथ अभी तक फरार है। उसकी तलाश में डीएसपी, 3 टीआई, 20 जवान सहित साइबर सेल की पूरी टीम लगी हुई है। प्रदेश के करीब 20 जिलों में आरोपी को तलाश किया जा रहा है। पुलिस को अब तक सिर्फ उसकी कार ही महासमुंद के पटेवा क्षेत्र में मिली है। अंतिम लोकेशन 21 जून को रायपुर मिली थी।

यह मामला प्रदेश स्तर तक गया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तेजी से कार्रवाई करने कहा था। इसके बाद भी पुलिस आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही है। केवल 9 आरोपी पकड़े गए हैं। इनमें से 8 ने सरेंडर किया था। जिला पंचायत सदस्य व उनके साथियों का आरोप है कि इस वारदात में 70 से अधिक लोग शामिल थे। माना जा रहा है कि नागू चंद्राकर के राजनीतिक संरक्षण के कारण गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है।

इस मामले में धमतरी एएसपी मनीषा ठाकुर रावटे ने बताया कि- 'आईजी रायपुर की ओर से मुख्य आरोपी नागेंद्र उर्फ नागू चंद्राकर के ऊपर इनाम राशि बढ़ाकर 20 हजार रुपए कर दी गई है। उसके बारे में जो व्यक्ति सूचना देगा, उसका नाम और पता गुप्त रखा जाएगा।'

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