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ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

देश में ब्रेस्‍ट कैंसर या स्‍तन कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

देश में ब्रेस्‍ट कैंसर या स्‍तन कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। महिलाओं के साथ पुरुष भी स्‍तन कैंसर के शिकार हो रहे हैं। यह ए‍क खतरनाक रोग है, इसकी अनदेखी जीवन पर भारी पड़ सकती है।

एक रिसर्च से साफ हुआ है कि महिलाओं में स्‍तन कैंसर के बढ़ रहे मामलों के लिए आधुनिक जीवनशैली जिम्मेदार हैं। अगर समय इसके प्रारंभिक स्टेज पर इलाज नहीं कराया गया, तो यह रोग जानलेवा भी हो सकता है।

कुछ लोगों का मानना है कि स्‍तन कैंसर के बाद महिला की जिदगी बहुत ही दर्दनाक हो जाती है।

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कैंसर के विशेषज्ञ बता रहे हैं स्तन कैंसर को पहचाने और उनके उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण कुछ ऐसी बातें, जिनसे आप स्‍तन कैंसर के बारे पता लगा सकते हैं और बचाव कर सकते हैं।

लक्षण-

1. स्तन में गांठ व दर्द

  • किसी स्‍तन में गांठ महसूस होना, ब्रेस्‍ट कैंसर का सामान्‍य लक्षण है। ऐसे में स्‍तन में दर्द भी होता है।
  • कई बार लड़कियां और महिलाएं ब्रेस्ट में होने वाले दर्द को पीरियड के दौरान होने वाली समस्‍या सोचकर नजर अंदाज कर देती हैं।
  • ऐसे में आपको डॉक्‍टर से जरूर परामर्श करना चाहिए।
  • प्रत्‍येक महिला को हर 15 दिन पर अपने स्‍तनों को दबाकर स्‍वंय जांच करनी चाहिए, जिससे किसी भी तरह की परेशानी से बचा सजा सकें।

2. निपल से रिसाव होना

  • यदि कोई महिला ब्रेस्‍ट फीडिंग नहीं कराती और उसके निपल से दूध का रिसाव हो रहा है, तो यह भी ब्रेस्‍ट कैंसर का कारण हो सकता है।
  • दूध के अलावा खून या पानी का रिसाव होना भी खतरनाक है। ऐसे में निपल के आकार में बदलाव भी हो सकता है और महिला का कोई एक निपल अंदर की तरफ मुड़ सकता है।
  • यदि आपको ब्रेस्‍ट या निपल को शीशे में देखने पर आकार में अंतर महसूस हो रहा है, तो यह स्‍तन कैंसर का लक्षण हो सकता है। ऐसे में स्‍तन पर एक साइड सूजन या चकत्‍ते भी पड़ जाते हैं।
  • निपल पर परत या पपड़ी बनने के साथ ही त्‍वचा के रंग में बदलाव भी स्‍तन कैंसर का कारण हो सकता है।
  • लंबे समय तक बुखार, वजन कम होना और तीन से चार हफ्तों तक सुस्‍ती बने रहना भी स्‍तन कैंसर का इशारा हो सकता है।
  • कई अन्‍य बीमारियों के साथ ही स्‍तन कैंसर में भी अचानक वजन कम हो जाता है।
  • इसके अलावा पेट के कैंसर, फेफड़ों के कैंसर और अग्‍नाश्‍य कैंसर आदि में भी यह समस्‍या होती है।
  • या पान मसाला का सेवन भी ब्रेस्‍ट कैंसर की आशंका को बढ़ाता है। कुछ महिलाएं बच्‍चों को ब्रेस्‍ट फीडिंग नहीं कराती, जो कि स्‍तन कैंसर का बड़ा कारण होता है।
  • देर से शादी होने पर भी ब्रेस्‍ट कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। देर से शादी होने पर बच्‍चा देर से पैदा होता है।
  • ऐसा माना जाता है कि देर से स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं को स्‍तन कैंसर की आशंका ज्‍यादा रहती है।

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3. कैंसर का उपचार

  • कैंसर संस्थान व प्राध्यापक डॉ. विवेक चौधरी के अनुसार, स्तन कैंसर तेजी से अपने पैर पसार रहा है।
  • महिलाओं में होने वाली इस बीमारी का रूप काफी भयावह हो चुका है। सामान्य तौर पर स्तन कैंसर का इलाज ऑपरेशन या कीमोथेरेपी या फिर रेडिएशन से किया जाता है।
  • लेकिन इसका उपचार उन प्रोटीन पर केंद्रित होता है, जो कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने व उनके अनियंत्रित तरीके से विभाजित होने की ओर संकेत करता है।
  • ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के पहले और बाद में सावधानी लेनी की जरूरत होती है।
  • स्तन कैंसर ऐसी बीमारी है, जो इलाज के बाद भी परेशान कर सकती है। इसीलिए चिकित्सक कुछ सावधानियां बरतने के लिए कहते हैं।
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