Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

World Students Day 2019 : विश्व छात्र दिवस का इतिहास और मनाने के कारण के साथ एपीजे अब्दुल कलाम के साथ संबंध

World Studnents Day 2019 : हर साल 15 अक्टूबर (15 october) को दुनिया में विश्व छात्र दिवस (World Studnents Day) बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन बच्चों को शिक्षा के महत्व और जीवन में शिक्षा की उपयोगिता के बारे में बताया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि विश्व छात्र दिवस का भारत से क्या संबंध था, अगर नहीं, तो आज हम आपको इसका इतिहास, मनाने का कारण और डा. A.P.J अब्दुल कलाम से संबंध के बारे में बतायेगें...

World Students Day 2019 : विश्व छात्र दिवस पर जानें इतिहास और मनाने के कारण के साथ एपीजे अब्दुल कलाम के साथ संबंध
X
World Students Day History and Reasons to celebrate And which Relation With A.p.j Kalam

World Students Day 2019 : वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे 2019 हर साल की तरह 15 अक्टूबर को वैश्विक रुप से मनाया जाएगा। इसे मनाने की शुरुआत साल 2010 में संयुक्त राष्ट्र की पहल पर बच्चों के लिए शिक्षा के महत्व और जीवन में उपयोगिता के प्रति जागरुकता फैलाने की लिए की गई थी। इसके साथ ही भारत में 15 अक्टूबर को देश सबसे सफल वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डा. A.P.J अब्दुल कलाम का जन्मदिन (APJ Abdul Kalam Birth Anniversary) भी मनाया जाता है। डा.कलाम एक वैज्ञानिक होने के साथ दार्शनिक और शिक्षक भी थे। ऐसे में आइए जानते हैं विश्व छात्र दिवस का इतिहास और डा.कलाम से इसका क्या है संबंध...

World Students Day History

साल 2010 में संयुक्त राष्ट्र ने भारत के मिसाइलमैन के नाम से मशहूर पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक के डा. अब्दुल कलाम के जन्मदिन पर पहली बार विश्व छात्र दिवस मनाने की शुरुआत की गई। डा.कलाम एक वैज्ञानिक होने के साथ दार्शनिक और शिक्षक भी थे।

इस दिन को मनाने का उद्देश्य शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देने और उसकी जीवन उपयोगिता का साबित करने, भाषणों और व्याख्यान के माध्यम से लाखों छात्रों को प्रोत्साहित करने के साथ डा. अब्दुल कलाम को सम्मानित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने उनके जन्मदिन पर हर साल विश्व छात्र दिवस दिवस मनाने की घोषणा की। डॉ।

कौन थे डा. A.P.J अब्दुल कलाम (Who was Dr. A.P.J. Abdul Kalam)

भारत को परमाणु शक्ति बनाने वाले डा. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 1931 में तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। उन्होंने जीवन में संघर्ष और कड़ी मेहनत करते हुए (बचपन में अखबार बेचकर) अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद डीआरडीओ (DRDO) और इसरों में इंजीनियर और वैज्ञानिक के रुप में काम किया। साल 1998 में पोखऱण का परमाणु परीक्षण उनकी पहली उपलब्धि के तौर पर गिनी जाता है।

इसके बाद उन्होने भारत को स्वदेशी तकनीक से विकसित अग्नि और पृथ्वी मिसाइलें दी। साल 2002 से 2007 तक वो भारत के 11 वें राष्ट्रपति रहे। वो भारत के सबसे पसंदीदा राष्ट्रपतियों में शामिल थे। डा. कलाम एक विचारक, दार्शनिक, वैज्ञानिक होने के साथ एक बेहतरीन शिक्षक भी थे। जो अपने व्याख्यान, भाषण ओर लेखनी के माध्यम से बच्चों को प्रोत्साहित और प्रेरित करते थे।

उन्होनें नए भारत की कल्पना करते हुए विंग्स ऑफ फायर (Wings of Fire) इंडिया 2020 (India 2020)) नामक दो किताबे में लिखी। जिसकी वजह से उन्हें आधूनिक भारत के जनक की उपाधि दी गई।

डा. A.P.J अब्दुल कलाम की उपलब्धियां ( Dr. A.P.J Abdul Kalam Achievements)

1. डा. A.P.J अब्दुल कलाम की सबसे बड़ी उपबलब्धि के बारे में बात की जाए तो सबसे पहले उनके जन्मदिन के दिन विश्व छात्र दिवस मनाने की UN की घोषणा।

2. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) में एक वैज्ञानिक के रूप में भारत का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न और नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण और 1990 में और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

3. भारत के मिसाइलमैन की उपाधि के साथ भारत के सबसे सफलतम वैज्ञानिक और शिक्षक के रुप में बच्चों को प्रेरित करने वाला जीवंत और कर्मठ व्यक्तिव।

लोगों के लिए डॉ। अब्दुल कलाम के कार्य और प्रयासों को समझना आवश्यक है। इसलिए देश, समाज और छात्रों की भलाई के लिए अपना जीवन बिताने वाले व्यक्ति को याद करने के लिए विश्व छात्र दिवस मनाना ज़रूरी है।

डा. A.P.J अब्दुल कलाम का सपना (Dream of Dr. A.P.J Abdul Kalam)

डा. A.P.J अब्दुल कलाम ने शुरु से ही भारत को विश्व शक्ति के रुप में स्थापित करवाने का सपना देखा, जिसकी शुरुआत उन्होंने 1998 में हुए भारत के परमाणु परीक्षण के साथ की। इसके बाद अग्नि और पृथ्वी नामक दो स्वदेशी मिसाइलों को सफल परीक्षण उनके नेतृत्व में किया गया। इसके अलावा वो भारत को प्राचीन काल की विरासत, ज्ञान और वैचारिक उन्नति के साथ वैज्ञानिकता का मेल करते हुए एक नए भारत की स्थापना करना चाहते थे।

उन्हें हमेशा से ही अपना शिक्षक का रुप सबसे ज्यादा पसंद था। इसलिए मृत्यु से पहले भी वो उत्तर भारत में एक बच्चों के कार्यक्रम में संबोधित करते हुए ही अंतिम सास ली। देश और भविष्य की पीढ़ी को तैयार करने के लिए कार्य और प्रयासों को समझना और याद करना बेहद आवश्यक है। इसलिए 15 अक्टूबर को हर साल देश और पूरी दुनिया विश्व छात्र दिवस मनाती है।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story