Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता दिवस / विकलांग से दिव्यांग बनने का किस्सा

3 दिसंबर 2018 यानि Interntaional Disability Day पूरी दुनिया में मनाया जाता है। शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम लोगों के प्रति सम्मान और समानता के व्यवहार के लिए समाज में जागरूकता फैलाने के लिए इस दिन को मनाया जाता है। Disability को Handicap नाम से भी जाना जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता दिवस / विकलांग से दिव्यांग बनने का किस्सा
X
3 दिसंबर 2018 यानि Interntaional Disability Day पूरी दुनिया में मनाया जाता है। शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम लोगों के प्रति सम्मान और समानता के व्यवहार के लिए समाज में जागरूकता फैलाने के लिए इस दिन को मनाया जाता है। Disability को Handicap नाम से भी जाना जाता है।

संयुक्त राष्ट्र की पहल पर साल 1981 में 'वर्ल्ड डिसेबिलिटी डे' को मनाने की घोषणा की गई, लेकिन साल 1992 में इसे पूरी दुनिया में मनाने की शुरूआत की हुई। जबकि 2007 में इस दिन को "International Day of Disabled Persons" कहा जाने लगा। इस दिन संयुक्त राष्ट्र (UN) कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करता है।

यह भी पढ़ें : सपनों की बुलंदियों को है छूना, तो दिव्यांगता को न समझे कमजोरी, पढ़ें ये प्रेरणा से भरी कहानियां

Handicap शब्द का इतिहास

शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम लोगों को विकलांग यानि Handicap भी कहा जाता है, लेकिन शुरू से ही शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम लोगों को Handicap कहा जाता था।
Handicap शब्द का प्रयोग सबसे पहले 15वीं-16वीं शताब्दी में इंग्लैंड में पुराना योद्धाओं की वजह से किंग Henry VII के दौर में चलन में आया था।
युद्ध के बाद शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम हो चुके यौद्धा अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए हाथ में कैप लेकर भीख मांगते थे। जिसे किंग Henry VII ने कुछ समय बाद लागल कर दिया था।
इसके बाद साल 1915 में 1915 में पहली बार हैंडीकैप का इस्तेमाल शारीरिक रूप से अपंग बच्चों के लिए किया गया। जबकि 1950 में 1950 से Handicap शब्द को व्यस्क और दिमागी रूप से अक्षम लोगों के लिए भी इस्तेमाल किया गया ।
इसके बाद 1980 के दशक में अमेरिका की डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी ने विकलांगो के लिए Handicapped की जगह Differently Abled शब्द के इस्तेमाल पर जोर दिया गया।

विकलांग से दिव्यांग बनने का किस्सा

दिसंबर 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में विकलांग लोगों के प्रति,सम्मान जताने, महत्व को बताने और समाज के नजरिए में बदलाव लाने के लिए उन्हें को 'दिव्यांग' नाम दिया। प्रधानमंत्री के सुझाव के बाद से हिंदी भाषा में विकलांग शब्द की जगह ‘दिव्यांग’ शब्द चलन में है।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story