Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

सर्दियों हर किसी को होती हैं ये 10 बीमारियां, जानिए इनका घरेलू उपचार

ठंड के मौसम के साथ कई सारी छोटी बड़ी बीमारियों के आने की भी शुरुआत हो जाती है, जिसका सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिलता है, ऐसे में उनकी एक्स्ट्रा केयर करने की जरुरत होती है, इसलिए आज हम आपको सर्दियों में होने वाली बीमारियों और उसके उपचार लेकर आएं हैं जिन्हें अपनाकर अपने साथ-साथ घर के अन्य लोगों को भी बीमारियों से बचा सकेगें।

सर्दियों हर किसी को होती हैं ये 10 बीमारियां, जानिए इनका घरेलू उपचारसर्दी की बीमारियां और उपचार

सर्दियों में सर्दी जुकाम और बुखार जैसे सामान्य रोग होना बेहद स्वाभाविक है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ठंड के मौसम में इन रोगों (सर्दी जुकाम, बुखार, गले में खराश और दर्द के अलावा अस्थमा, जोड़ों में दर्द, हर्ट अटैक, मुंह के छाले आदि भी बढ़ती ठंड की वजह से होते हैं। ऐसे में आज हम आपको ठंड की वजह से होने वाली बीमारियों के बारे में बता रहे हैं।

सर्दियों में होने वाली बीमारियां और उपचार


1. अस्थमा

अस्थमा, ठंडी हवा, धूल, धुंए और जहरीली हवा के संपर्क में आने पर विकराल रुप लेने वाली एक इंफेक्शन जनित रोग है। अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति को बार-बार सांस फूलने और सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है। इसके अलावा सीने में जकड़न होना भी अस्थमा का एक सबसे बड़ा लक्षण माना जाता है।

उपचार

अस्थमा अटैक से बचने के लिए हमेशा अपने साथ अस्थमा इनहेलर यानि रिलीवरी को पास रखें। इसका उपयोग आमतौर पर अस्थमा अटैक के दौरान किया जाता है।

ठंड के मौसम में घर से बाहर निकलने से बचें, क्योंकि ठंडी हवाओं से सीने में जकड़न होने की संभावना बढ़ जाती है।

ठंड में अगर जरुरी काम से बाहर निकलना पड़ें, तो ऐसे में सिर, नाक, मुंह को जरुर कवर करें, लेकिन टाइट कवर करने से बचें। इससे आपको सांस लेने में दिक्कत महसूस हो सकती है।

2. सोते समय बार बार खांसी आना

सर्दी के मौसम में सोते समय लोगों और खासकर छोटे बच्चों को बार बार खांसी आने की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा सोते समय से नाक का बंद होना भी एक परेशानी का कारण होता है। जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है। ऐसा हमेशा ठंड लगने या ठंडी हवा के संपर्क में आने की वजह से होता है।

उपचार

गर्म पानी की भाप लें।

नेबुलाइज्ड उपचार और स्टेरॉयड का इस्तेमाल करें।

सीने पर बाम या गर्म तेल से मालिश करें।


3. ड्राई स्किन

सर्दियों में स्किन का रुखापन और ड्राईनेस सबसे कॉमन बीमारी या समस्याओं में से एक है। ठंडी हवाओं के संपर्क में आने से स्किन की नमी सूख जाती है और लंबे समय तक ड्राई रहने पर पपड़ी बनना और खून निकलने का खतरा भी बढ़ जाता है।

उपचार

भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करें।

अच्छी कंपनी का मॉश्चराइजर का इस्तेमाल करें।

मौसमी फलों का सेवन करें।

नारियल पानी का सेवन करें।

तेज गर्म पानी से नहाने से बचें।

4.सीजनल अफेक्टिव डिस्ऑर्डर

सर्दियों में कई लोगों को सीजनल अफेक्टिव डिस्आर्डर अन्य मौसम की तुलना में अधिक महसूस होता है। सीजनल अफेक्टिव डिस्ऑर्डर एक मानसिक विकार है, जिससे पीड़ित व्यक्ति को बार-बार तनाव यानि स्ट्रेस फील होता है और वो उदासी और अकेलेपन में रहने लगता है।

उपचार

सीजनल अफेक्टिव डिस्ऑर्डर से बचने के लिए बैलेंस्ड डाइट लें।

सीजनल अफेक्टिव डिस्ऑर्डर लोगों से मेलजोल बढ़ाएं, दोस्तों के साथ आउटिंग पर जाएं।

नियमित रुप से मेडिटेशन करें और हल्की एक्सरसाइज करें।

लांफिग एक्सरसाइज करें।


5.जोड़ों में दर्द

सर्दियों के मौसम में जोड़ों में होने वाले दर्द में इजाफा हो जाता है, इसका मुख्य कारण हड्डियों का ठंड की वजह से सख्त होना होता है।

उपचार

सर्दियों में जोड़ों के दर्द से निजात पाने के लिए सबसे जरुरी है कि आप अपने शरीर के दर्द करने वाले जोड़ों को हमेशा गर्म रखें। इसके लिए आप गर्म तेल से मालिश का भी सहारा ले सकते हैं।

जोड़ों और गठिया के दर्द को कम करने या खत्म करने के लिए नियमित रुप से हल्की एक्सरसाइज करें।

इसके अलावा हमेशा गर्म कपड़ों से दर्द वाली जगह को कवर करके रखें। जिससे ठंडी हवा के संपर्क में न आएं, क्योंकि ठंडी हवा के संपर्क में आने से दर्द बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।

6. हाथ और पैरों का ठंडा होना

सर्दियों में बार-बार हाथ पैरों का ठंडा होना एक बेहद सामान्य होता है, लेकिन अगर ठंड की वजह से हाथ और पैरों की अंगुलियों के ठंडे होने के साथ उनका रंग बदलता है और सूजन, दर्द और खुजली की समस्या होती है, तो ये गंभीर स्थिति है। क्योंकि ये हाथ और पैरों के अंगुलियों में रक्त प्रवाह के कम होने को दर्शाती है। इससे हाथ और पैरों की अंगुलियों में ऐंठन भी हो सकती है।

उपचार

हाथ और पैरों को हमेशा गर्म रखने की कोशिश करें, आप इसके लिए ग्लब्स और सॉक्स का उपयोग कर सकते हैं।

हाथ और पैरों की गर्म तेल से मालिश करें।

गर्म चीजों का सेवन बढ़ाएं।


7. हर्ट अटैक

सर्दियों के मौसम में दिल के दौरे यानि हर्ट होना बेहद की कॉमन बीमारी है। ऐसा ठंड की वजह से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन यानि रक्तचाप के बढ़ने की वजह से होता है। दरअसल ठंड के मौसम में दिल के काम करने की गति बेहद धीमी हो जाती है। ऐसे में शरीर को गर्म रखने के लिए दिल को एक्स्ट्रा मेहनत करनी होती है, जिससे वो जल्दी थक जाता है और हर्ट अटैक , हर्ट स्ट्रोक आने का कारण बन जाता है।

उपचार

अपने घर को हमेशा गर्म रखें।

सिर, हाथ और पैरों समेत पूरे शरीर को कवर करके गर्म रखने की कोशिश करें।

घर से बाहर जाने पर ग्लब्स, जुराबें और टोपी का स्वेटर और जैकेट के साथ उपयोग जरुर करें।

8. मुंह के छाले

सर्दियों के मौसम के आते ही अक्सर लोग मुंह में होने वाले छालों की शिकायत करने लगते हैं। आमतौर पर ज्यादा तनाव मुंह के छालों का कारण माना जाता है। ऐसे में घरेलू इलाज काफी मददगार साबित होता है।

उपचार

मुंह के छालों को ठीक करने के लिए अपने तनाव को कम करें

पेट को साफ करने के लिए उपयोगी चूरन का सेवन करवाएं।

रोजाना गर्म पानी से नहाएं।

पार्क में टहलें और छोटे बच्चों के साथ खेलें।

अपनी हॉबी को इंज्वॉय करें, जिससे तनाव को कम किया जा सके।


9.फ्लू

अन्य मौसम की तुलना में सर्दियों में शरीर का इम्यून सिस्टम बेहद कमजोर हो जाता है। जिसकी वजह से छोटा इंफेक्शन भी कई बार बड़ा रुप ले लेता है। सर्दियों में इंफेक्शन दुगुनी तेजी से फैलता है। यही कारण है कि लोग सर्दियों में जल्दी और अधिक बीमार पड़ते हैं।

उपचार

8-10 गिलास पानी पीना

बैलेंस्ड डाइट लेना

हरी सब्जियों का सेवन करना

शरीर को आराम देना

हल्का व्यायाम रोजाना करना

10. नोरोवायरस

नोरोवायरस को सर्दियों में वॉमिट बग के रुप मे जाना जाता है। ये वायरस पाचन तंत्र के कार्य को प्रभावित करता है। जिससे अपच, बदहजमी और पेट इंफेक्शन की समस्या होने लगती है। लंबे समय तक नोरोवायरस का असर रहने पर शरीर डिहाईड्रेशन का शिकार हो सकता है।

उपचार

शरीर को डिहाईड्रेशन से बचाने के लिए ओआरएस का दिन में दो बार सेवन जरुर करवाएं।

तरल पदार्थो का सेवन ज्यादा करें।

डॉक्टर की सालह पर दवा का सेवन करें।

पूरा आराम करें।

हल्के भोजन का सेवन करें।

Next Story
Share it
Top