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क्या आप भी बेवजह बार-बार धोते हैं हाथ

इसमें संदेह नहीं कि कोरोना बहुत संक्रामक रोग है। डॉक्टर्स के अनुसार हाथों से इसका संक्रमण फैलने का खतरा बहुत ज्यादा होता है, इसीलिए अपने हाथों को स्वच्छ और संक्रमणमुक्त रखना जरूरी है। लेकिन इसके भय से कई लोग बेवजह बार-बार अपना हाथ साबुन या सेनिटाइजर से धोते रहते हैं। ऐसा करना आपकी स्किन के लिए हार्मफुल हो सकता है।

क्या आप भी बेवजह बार-बार धोते हैं हाथ
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हाथ धोते समय इन बातों का रखें ध्यान (फाइल फोटो)

सारी दुनिया को बीते कुछ महीनों से डराने वाला कोविड-19 इतना संक्रामक रोग है कि एक व्यक्ति लगभग एक लाख लोगों को इससे संक्रमित कर सकता है। ऐसे में इससे बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना जरूरी है। इनमें प्रमुख हैं-अपने हाथों को साफ रखना, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का इस्तेमाल। लोग इस महामारी से इतने डरे हुए हैं कि इससे बचने के लिए दिन में कई-कई बार अपने हाथों को साबुन पानी से धोते या सेनिटाइजर से साफ करते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि क्या साबुन, पानी और सेनिटाइजर का आवश्यकता से अधिक इस्तेमाल ठीक है? साथ ही इसके दुष्प्रभाव से हाथों की त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

हाथों से फैलता है संक्रमण

कोरोना वायरस के संक्रमण ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। अपने देश में भी हालात अच्छे नहीं हैं, संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने हाथों को साबुन और पानी से धोने या सेनिटाइजर का इस्तेमाल करने की भूमिका को प्रमुख रूप से रेखांकित किया है। क्योंकि, हमारे गंदे हाथ संक्रमण फैलाने का कारण बन सकते हैं। दरअसल फोमाइट्स या संक्रामक पदार्थों, जो संक्रमित व्यक्ति से निकलते हैं, वो आपके हाथों के माध्यम से आंखों, मुंह या नाक के रास्ते से आपके शरीर में प्रवेश करके आपको संक्रमण का शिकार बना सकते हैं।

हाथ धोएं लेकिन संभलकर

हाथों को साफ रखना प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष एयरोसोल ट्रांसमिशन को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। लेकिन बार-बार हाथ धोने या सेनिटाइजर का इस्तेमाल करने से त्वचा से संबंधित कुछ समस्याएं भी हो रही हैं, इनसे बचना भी जरूरी है। साबुन और सेनिटाइजर का अधिक इस्तेमाल से अंगुलियों की पोरों और पैरों में रैशेज पड़ जाते हैं या बिवाईयां जैसे घाव हो जाते हैं। गंभीर मामलों में वेसिक्युलर लेसियोना हो जाता है। लगातार हाथ धोना कई लोगों में एंग्जाइटी को ट्रिगर कर रहा है। बार-बार हाथ धोने या सेनिटाइजर का इस्तेमाल करने से रैशेज इसलिए पड़ जाते हैं कि त्वचा का जो एक बैरियर या अवरोध के रूप में कार्य है, उसमें गड़बड़ी आ जाती है। इससे एलर्जिक रिएक्शन और डर्मेटाइटिस का खतरा भी बढ़ जाता है।

बचाव के उपाय

इन समस्याओं से बचने के लिए कुछ जरूरी उपाय हैं, जिन्हें अपनाकर आप भी इन समस्याओं से बच सकते हैं और अगर इनके शिकार भी हो गए तो इन्हें ठीक कर सकते हैं।

- अपने हाथों को तभी धोएं जब आप घर से बाहर गए हैं और आपने किसी ऐसी सतह को छुआ है, जिसे दूसरे लोगों द्वारा छुआ गया है।

- एंटीसेप्टिक साबुन इस्तेमाल न करें, क्योंकि ये वायरस के प्रति अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराता है। ऐसे साबुन को इस्तेमाल करें, जिसमें ग्लिसरीन या मॉयश्चराइजर जैसे एनएमएफ या सिरेमिक हो।

- 20 सेकेंड से अधिक अपने हाथों को न धोएं।

- हाथ धोने के तुरंत बाद अपने हाथों और अंगुलियों के बीच में तेल, घी या वैसलीन लगाएं।

- अपने शरीर में जल का स्तर बनाए रखें, ताकि आपकी त्वचा ड्राय न हो। तापमान में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रतिदिन 3-3.5 लीटर पानी पीना जरूरी है।

- अगर त्वचा लाल हो जाए और उसमें खुजली चले तो हर दो घंटे में हाथों पर वैसलीन पेट्रोलियम जैली लगाएं।

अगर इन उपायों को करने के बाद भी त्वचा का लालपन और वेसीक्युलर रैशज ठीक न हो तो किसी अच्छे त्वचा रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

इन बातों का भी रखें ध्यान

- रात को सोने से पहले कोई अच्छी क्वालिटी का मॉयश्चराइजर लगाकर दस्ताने पहन लें, हाथ फटने और खुरदुरे होने से बच जाएंगे।

- सूरज की किरणें त्वचा को खासा नुकसान पहुंचाती हैं इसलिए घर से बाहर निकलने पर हाथों पर 15 एसपीएफ वाला सनस्क्रीन जरूर लगाएं।

- ऐसे भोजन का सेवन करें, जो मिनरल्स, विटामिन और प्रोटीन से भरपूर हो, यह त्वचा को रूखेपन से बचाते हैं।

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- रोजाना तीन अलग-अलग रंगों के फल खाएं, ऐसे फल विटामिन ए, सी, ई और मिनरल से भरपूर होते हैं। ये त्वचा के लिए काफी अच्छे होते हैं।

- ढेर सारा पानी पिएं ताकि त्वचा में नमी बनी रहे।

- कम से कम आठ घंटे सोएं, अनिद्रा से त्वचा अपनी चमक और कसावट खो देती है।


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