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लॉकडाउन में इस महिला ने किया 42 लीटर ब्रेस्ट मिल्क डोनेट, जानें मां के दूध के फायदे

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनका बेटा पूरी तरह से मिल्क नहीं पी रहा था। जिसके बाद काफी सारा ब्रेस्ट मिल्क वेस्ट जा रहा था। उन्होंने बताया कि उस दौरान उनके पास 150ml के तीन पैकेट थे। वहीं काफी ब्रेस्ट मिल्क पहले से ही फ्रीजर में स्टोरेज था और चार महीने से ज्यादा मिल्क को स्टोर करके नहीं रखा जा सकता है।

लॉकडाउन में इस महिला ने किया 42 लीटर ब्रेस्ट मिल्क डोनेट, जानें मां के दूध के फायदे
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फिल्ममेकर और प्रो़ड्यूसर निधी परमार हीरनंदानी ने लॉकडाउन में 42 लीटर ब्रेस्ट मिल्क डोनेट किया है। जिसके बाद से वे लगातार सुर्खियों में छाई हुई हैं। वे इस साल ही मां बनी हैं। उनका कहना है कि उन्हें जब महसूस हुआ कि उनके पास काफी ब्रेस्ट मिल्क स्टोर्ड है, जोकि वेस्ट हो रहा है। इसके बाद उन्होंने लोगों से बातचीत करने के बाद यह फैसला लिया।

चार महीने से ज्यादा मिल्क को स्टोर करके नहीं रखा जा सकता

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनका बेटा पूरी तरह से मिल्क नहीं पी रहा था। जिसके बाद काफी सारा ब्रेस्ट मिल्क वेस्ट जा रहा था। उन्होंने बताया कि उस दौरान उनके पास 150ml के तीन पैकेट थे। वहीं काफी ब्रेस्ट मिल्क पहले से ही फ्रीजर में स्टोरेज था और चार महीने से ज्यादा मिल्क को स्टोर करके नहीं रखा जा सकता है।

फिल्म सांड की आंख की प्रोड्यूसर

इसके बाद काफी ऑनलाइन सर्चिंग के बाद उन्हें पता चला कि ब्रेस्ट मिल्क को डोनेट भी किया जा सकता है। जिसके बाद वे सूर्या अस्पताल में तकरीबन 42 लीटर ब्रेस्ट लीटर मिल्क डोनेट कर चुकी हैं। वहीं आगे उन्होंने बताया कि अस्पताल में 60 बच्चे ऐसे थे जिन्हें मां के दूध की सख्त जरूरत थी। वहीं वे आगे कहती हैं कि वे पूरी कोशिश करेंगी कि वे पूरे साल इन बच्चों के लिए मिल्क डोनेट कर सकें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि निधी फिल्म सांड की आंख की प्रोड्यूसर थीं।

शिशु के लिए होता है बहुत ही फायदेमंद

शिशु के मुंह में सबसे पहले मां का दूध ही डाला जाता है। जन्म से लेकर 6 महीने तक शिशु को सिर्फ मां का ही दूध पिलाया जाता है। मां के दूध में बहुत शक्ति होती है और बच्चे को सभी जरूरी पोषक तत्व मां के दूध से ही मिलते हैं। आज की इस रिपोर्ट में हम आपको बताने जा रहे हैं कि मां का दूध बच्चे को किस तरह फायदा पहुंचाता है। मां के दूध में शर्करा का विशेष संयोजन पाया जाता है। जिसे बच्चे को पिलाने के बाद शिशु को भविष्य में होने वाली हर प्रकार की एलर्जी से दूर रखता है।

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रिसर्च में दावा हाल ही में हुई एक रिसर्च में इस बात की पुष्टि हुई है कि मां का दूध बच्चे के बड़े होने पर हर तरह की एलर्जी से दूर रखता है। रिसर्चर्स के मुताबिक बचपन में शिशु द्वारा पिए गए मां के दूध से बच्चे को भविष्य में रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक ये रिसर्च जर्नल एलर्जी में प्रकाशित हुई थी।



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