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सावधान! खून में शुगर की अधिक मात्रा से आप हो जाएंगे अंधे, रहें अलर्ट

शुगर की वजह से नजर हो रही कमजोर

सावधान! खून में शुगर की अधिक मात्रा से आप हो जाएंगे अंधे, रहें अलर्ट
नई दिल्ली. खून में शुगर की मात्रा लगातार अधिक समय तक बने रहने पर यह व्यक्ति को अंधेपन के खतरे की ओर भी धकेलता है। डायबिटीज अपने साथ कई बीमारियों को लेकर आता है। डॉक्टर्स के अनसुार खून में शुगर की मात्रा लगातार अधिक समय तक बने रहने पर यह व्यक्ति को अंधेपन के खतरे की ओर भी धकेलता है।
लोग डॉक्टर के पास नजर के कमजोर होने की शिकायत लेकर आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार डायबिटीज से आंखों में मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और डायबिटीज रेटिनोपैथी का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. संजय धवन के अनुसार टाइप-1 एवं टाइप-2 दोनों से आंख संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इन समस्याओं में डायबेटिक रेटिनोपैथी सबसे आम समस्या है। एक तिहाई डायबिटीज के मरीज इस र्मज के बारे में जानते भी नहीं है।
नियमित जांच आवश्यक
इसके चलते डायबिटीज भारत में 20 से 74 साल के व्यस्कों के लिए अंधेपन की नई वजह बनती जा रही है। डॉक्टर के अनुसार डायबेटिक रेटिनोपैथी में तो विशेषकर शुरुआत में किसी तरह का कोई लक्षण नहीं होता है। ऐसे में जागरुकता, लगातार स्क्रीनिंग और खून में शुगर की मात्रा की लगातार जांच, वह भी 30 साल की उम्र के बाद अत्यंत ही जरूरी है। जिन लोगाों को डायबिटीज है, उन्हें साल में एक बार तो समग्र डाइलेटेड आंखों की जांच करानी चाहिए। वहीं डॉक्टर किरण ने बताया कि अंधेपन की विभिन्न वजहों में यह छठे नंबर पर है। करीब बीस साल पहले तक अंधेपन की यह 17वीं सबसे बड़ी वजह हुआ करता था, जो आज छठे नंबर पर आ गया है। आज 18 फीसदी से ज्यादा 40 साल से अधिक उम्र के डायबिटीज रोगी डायबेटिक रेटिनोपैथी से ग्रस्त है।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, क्यों आ जाता है लेंस में धुंधलापन-
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