Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

घर पर बनाएं ''बाजरे की रबड़ी'', कई बीमारियों को रखें दूर, ये है रेसिपी

सर्दियों में गर्म रहने के लिए आमतौर पर लोग बाजरे और मक्के का रोटियां खाना पसंद करते हैं, क्योंकि ये पौष्टक आहार होते हैं, जो शरीर को अंदरूनी रूप से गर्म रखने का काम करते हैं। बाजरे में प्रोटीन,आयरन,फास्फोरस,मैग्नेशियम,पोटेशियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।

घर पर बनाएं
सर्दियों में गर्म रहने के लिए आमतौर पर लोग बाजरे और मक्के का रोटियां खाना पसंद करते हैं। क्योंकि ये पौष्टक आहार होते हैं, जो शरीर को अंदरूनी रूप से गर्म रखने का काम करते हैं। बाजरे में प्रोटीन,आयरन,फास्फोरस,मैग्नेशियम,पोटेशियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
ऐसे में अगर सर्दियों में बाजरे से बनी एक मिठाई मिल जाए, तो ये सोने पर सुहाग जैसी बात हो जाएगी। इसलिए आज हम आपको बता रहे हैं राजस्थानी की प्रसिद्ध बाजरे की रबड़ी रेसिपी। बाजरे की राबड़ी पेट के लिए भी फायदेमंद होती है। इसका सेवन बच्चे बूढ़े बीमार सभी आसानी से कर सकते है। इसे घर पर बनाना भी बेहद आसान है।

यह भी पढ़ें : सर्दियों में गर्भवती महिलाओं से लेकर बूढ़ों के लिए है संजीवनी ये एक चीज

यह भी पढ़ें : सर्दियों में कबाब खाने का है मन,तो Sunday का चुकंदर कबाब से बदलें जायका

बाजरे की रबड़ी रेसिपी

1. सबसे पहले एक बर्तन में बाजरे का आटा छान लें।
2. अब एक बड़े बर्तन में छाछ लेकर उसमें थोड़ा थोड़ा करके बाजरे का आटा डालें और धीरे-धीरे मिलाएं।
3. छाछ और बाजरे के आटे को मिलाते समय ध्यान रखें की मिश्रण में कोई भी गांठ न पड़ें।
4. इसके बाद छाछ और बाजरे के मिश्रण में थोड़ा कच्चा साबुत जीरा हाथ से मसलते हुए डालें और अच्छे से मिक्स कर लें।
5. अब इस मिश्रण में स्वादानुसार नमक मिलाएं।
6. अगर मिश्रण ज्यादा गाढ़ा है, तो उसमें जरूरत के मुताबिक पानी मिला लें।
7. इसके बाद छाछ और बाजरे के मिश्रण वाले बड़े बर्तन को धीमी आंच पर उबाल तक पकने के लिए रखें।
8. एक बार उबाल आने के बाद मिश्रण को चलाते हुए 10-15 मिनट तक और पकाएं।
9. इसके बाद मिश्रण को चेक करें, जब वो देखने में सूप की तरह दिखाई देने लगें, तो गैस को बंद कर दें।
10. अब तैयार बाजरे की रबड़ी को बॉउल में निकालें और गर्मागर्म सर्व करें।

सुझाव :

1. बाजरे का आटा का ताजा होना चाहिए, पुराने आटे का टेस्ट अच्छा नहीं होता है। उसमे कड़वापन हो सकता है।
2. जब तक बाजरे की राबड़ी में एक उबाल नहीं आये तब तक लगातार हिलाना जरुरी होता है वर्ना अच्छी नहीं बनती हैं।
Next Story
Top