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रेसि‍पी: आप भी लें 4 हजार साल पुरानी करी का स्‍वाद

4000 साल पहले एक आदमी इस करी का बर्तन धोना भूल गया था।

रेसि‍पी: आप भी लें 4 हजार साल पुरानी करी का स्‍वाद
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रोहतक. भारत में अनके तरह के मसाले पाए जाते हैं। इन मसालों से बनी कोई भी करी का स्वाद बहुत खास होता है। करी यानी सब्जी की बात करें तो इसकी रेसिपी ज्यादातर एक ही तरह की होती है। हां, कुछ जगहों पर इसके मसालों और बनाने के तरीके में अंतर जरूर पाया जाता है।
कई लोग सब्जी पतली तो कई गाढ़ी खाना पसंद करते हैं, लेकिन जरा सोचिए कि जो करी आपने अभी या बीती रात ही खाई है, ठीक वैसी ही करी आज से चार हजार साल पहले भी लोग खाया करते थे। आज की विधि से बिलकुल अलग थी। बीबीसी डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक आज से चार हजार साल पहले के लोगों द्वारा बनाई करी की विधि के पीछे खास कहानी छुपी हुई है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक, इसके पीछे की कहानी यह है कि लोगों ने इस बैंगन करी का आनंद तब उठाया जब नदियां सूख रही थी और बेहतर जीवन और अच्छे खाने की तलाश में कस्बे और शहर छोड़ कर जा रहे थे।
2010 में वॉशिंगटन युनिवर्सिटी के दो रिसर्चर रोहतक जिले के फरमाना गांव आए थे। जहां उन्हें पुरातत्व विभाग के लोगों से एक बर्तन मिला था। जो 4000 साल पहले एक आदमी करी का बर्तन धोना भूल गया था। जिसमें उस समय करी खाई गई थी। इससे उन्हें 4 हजार साल पुरानी करी रेसिपी का पता चला। जिसका टेस्ट आज की करी जैसा नहीं था। बल्कि इस करी का स्वाद लजीज था।
आपको बता दें कि रोहतक जिले का फरमाना एक गांव है। जो आर्कियोलोजिकल स्थल बन चुका है। हड़प्पा सभ्यता का प्रारंभ इसी राखीगढ़ी से माना जा सकता है। राखीगढ़ी में खुदाई से प्राप्त अवशेषों से पता चलता है कि यह सिंधु घाटी सभ्यता का चौथा सबसे बड़ा शहर रहा होगा।
आर्कियोलोजिस्ट अरुणिना कश्यप और वैंकूवर वॉशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रो. स्टीव वेबर ने दुनिया की सबसे पुरानी करी विधि का पता लगाने के लिए इस विधि का इस्तेमाल किया। मिट्टी की हांडी, बैंगन, तिल का तेल अदरक और हल्दी का प्रयोग किया और इसको चखा। उन्होंने बताया कि हमने और भी मसाले मिलाएं जो उस समय मौजूद थे।
प्रोटो-करी बनाने की ये विधि फरमाना में पाई गई। अगर आप मिट्टी के बर्तन में खाना बनाना चाहते है तो इसे बना सकते है। इस तरह...
सामग्रीः
1. 6-7 बैंगन
2. अदरक का टुकड़ा
3. 1/4 हल्दी पाउडर
4. कच्चा आम के छाटे पीस एक चम्मच
5. 3 चम्मच तील का तेल
6. गन्ने का रस
7.1/4 जीरा
8. थोड़ी सी तुलसी
विधिः
सबसे पहले मिट्टी के बर्तन में तेल डालने के बाद उसमें अदरक, जीरा और हल्दी डालें। 5 मिनट बाद इसमें बैंगन और नमक डालें और पकने के लिए मिट्टी की हांडी को किसी प्लेट से ढक दें। कुछ देर बाद इसमें थोड़ा पानी डालें और कच्चे आम के छाटे पीस, गन्ने का रस थोड़ी सी तुलसी मिलाएं। इस पकने दें। ये 4000 साल पुरानी रेसिपी से बनी करी तैयार हो जाएगी।
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