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OMG! 6 महीने की उम्र से ही बच्चे समझने लगते हैं बड़ों का गुस्सा और प्यार

अगर आप बच्चों को काफी दिनों तक बच्चा ही समझते हैं और यह सोचते हैं कि उनपर डाट और प्यार का असर नहीं पड़ता तो ऐसा नहीं है। बच्चे महज 6 महीने की उम्र से ही बड़ों के द्वारा किए गए प्यार और जताए गए गुस्से को बखूबी समझने लगते हैं।

OMG! 6 महीने की उम्र से ही बच्चे समझने लगते हैं बड़ों का गुस्सा और प्यार

अगर आप बच्चों को काफी दिनों तक बच्चा ही समझते हैं और यह सोचते हैं कि उनपर डाट और प्यार का असर नहीं पड़ता तो ऐसा नहीं है। बच्चे महज 6 महीने की उम्र से ही बड़ों के द्वारा किए गए प्यार और जताए गए गुस्से को बखूबी समझने लगते हैं। हाल ही में हुई रिसर्च में इस बात की पुष्टि हुई है कि बच्चे बोलने से पहले ही एक्सप्रेशन और सामने वाले की भावनाओं को समझने लगते हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ जिनेवा में की गई रिसर्च के मुताबिक सिर्फ महीने तक ही बच्चे किसी की भावना नहीं समझ पाते हैं। 6 महीने की उम्र के बाद बच्चे अपने पेरेंट्स के प्यार और गुस्से को बखूबी समझने लगते हैं।

हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक इस रिसर्च के प्रमुख रिसर्चर अमाया पलामा ने बताया कि बच्चे गुस्से वाले फेस को अधिक समय तक देखते हैं, जबकि प्यार वाले चेहरे को नहीं।

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इससे यह पता चलता है कि 6 महीने का छोटा शिशु जिसे हम नादान समझते हैं वह बखूबी इंसान की भावनाओं में फर्क लेते हैं। बच्चों में यह समझ उनके बोलने से पहली ही डेवलप हो जाती है।

रिसर्च की मुख्य बातें

  • 6 महीने के बच्चों को कुछ भी दिखाया और सुनाया जाए, लेकिन वह एक्सप्रेशन में बखूबी अंतर कर लेते हैं।
  • बच्चे रोकर ही अपनी बातों को मां (अन्य जो ख्याल रख रहा हो) को बताते हैं।
  • खुशी और डाट के मुताबिक बच्चे अलग-अलग प्रतिक्रिया देते हैं।

ऐसे की गई रिसर्च

प्लस वन पत्रिका में प्रकाशित इस रिसर्च को जिनेवा बेबी लैब में किया गया। रिसर्च के तहत 6 महीने के 24 बच्चों को शामिल किया गया। इस दौरान बच्चों को पहले खु्शी, फिर गुस्सा और फिर सामान्य आवाज 20 सेकेंड तक सुनाई गई। इतना ही बच्चों को दो एक्सप्रेशन वाले फेसेस 10 सेकेंड तक दिखाए गए। इस आधार पर यह रिसर्च की गई है।

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