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हेपेटाइटिस बी संक्रमित रोगियों की संख्या में भारत दूसरे नंबर पर, पहले नंबर पर है चीन

हर साल हेपटाइटिस के वायरस से संक्रमण के कारण करीब 6 लाख मरीज मर जाते हैं।

हेपेटाइटिस बी संक्रमित रोगियों की संख्या में भारत दूसरे नंबर पर, पहले नंबर पर है चीन
नई दिल्ली. 4 करोड़ हेपटाइटिस संक्रमित रोगियों के साथ भारत में इनकी संख्या विश्व में सर्वाधिक दूसरी है। ज्यादा परेशानी वाली बात यह है कि अधिकांश लोगों को इस बात का पता ही नहीं है कि वे हेपटाइटिस संक्रमित हैं। इससे उनमें सिरोसिस और लिवर कैंसर से ग्रसित होने कि संभावना और बढ़ जाती है जो बेहद खतरनाक है।
भारत के साथ विश्व भर में आज हेपेटाइटिस डे मनाया जा रहा है। नई दिल्ली स्थित इंस्टिट्यूट
ऑफ लिवर एंड बाइलरी सांइस (आईएलबीएस) ने भारत में हेपेटाइटिस की खतरनाक चित्र पेश किया है।आईएलबीएस के अनुसार भारत में हेपेटाइटिस से लड़ने के लिए उठाए गए कदम बेहद सीमित और पिछड़े हुए हैं। हर साल हेपटाइटिस के वायरस से संक्रमण के कारण करीब 6 लाख मरीज मर जाते हैं। पर सरकार के पास अब तक इस बीमारी से संबंधित कोई भी राष्ट्रीय नीति नहीं है।
हेपेटाइटिस बी एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ समस्या है जो हर साल 1.4 मिलियन मौतों के लिए जिम्मेवार है।इसक तुलना में एचआइवी/एड्स से 1.5 मिलियन और लेरिया और टीवी से क्रमशः 1.2 मिलियन लोगों की मौत हो जाती है।
आइएलबीएस ने अपने बयान में कहा कि, "भारत में 40 मिलियन से अधिक हेपेटाइटिस बी संक्रमित रोगी हैं जो चीन के बाद सर्वाधिक है। यह विश्व भर में हेपेटाइटिस बी रोगियों की संख्या का 15 प्रतिशत है।
आदिवासी क्षेत्रों में इस रोग से संक्रमित रोगियों की संख्या सर्वाधिक है।"
इस साल हेपेटाइटिस दिवस का थीम 'थिंक अगेन' या 'फिर से सोचिए' रखा गया है। इसका अर्थ ये है कि हमें अब तक ये पता नहीं है कि हेपेटाइटिस वायरस वैश्विक स्तर पर कितना बड़ा खतरा है और इसपर पुनर्विचार की आवश्यकता है।
नीचे की स्लाइड्स में जानिए, हेपेटाइटिस के बारे में कुछ जरूरी जानकारियां-
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