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World Cancer Awareness Day 2019 : कैंसर की पहली स्टेज में शरीर में दिखाई देते हैं ये संकेत, भूलकर भी न करें इग्नोर

World Cancer Awareness Day 2019 / विश्व कैंसर जागरुकता दिवस : हर साल 7 नवंबर को विश्व कैंसर जागरुकता दिवस (World Cancer Awareness Day) पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों में कैंसर, कैंसर के दुष्प्रभाव, कैंसर के कारण और कैंसर से बचने के उपाय और उपचार के प्रति जागरुकता फैलाना होता है। जबकि विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) प्रत्येक वर्ष 4 फरवरी को मनाया जाता है। ऐसे में आज हम आपको कैंसर की पहली स्टेज पर दिखने वाले लक्षण के बारे में बता रहे हैं। जिससे आप उन लक्षणों को पहचान कर शरीर के कैंसर का पता लगाकर उसके मुताबिक उचित चिकित्सा करवा सकें।

World Cancer Awareness Day 2019 : कैंसर की पहली स्टेज में शरीर में दिखाई देते हैं ये संकेत, भूलकर भी न करें इग्नोरविश्व कैंसर जागरूकता दिवस 2019 / कैंसर की पहली स्टेज के लक्षण

World Cancer Awareness Day 2019 : कैंसर, आज के दौर में सबसे गंभीर बीमारियों में से एक मानी जाती है। शरीर के किसी एक अंग में छोटी-छोटी गांठ या ट्यूमर बनने की प्रक्रिया को कैंसर कहा जाता है। आम लोगों में कैंसर और उससे जुड़ी जानकारी की कमी को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हर साल 7 नवंबर को विश्व कैंसर जागरुकता दिवस (World Cancer Awareness Day) मनाने की घोषणा की। तभी से इस दिन लोगों को कैंसर संबंधी जानकारी बताने के लिेए कई वैश्विक स्तर पर सरकारी और गैर सरकारी संगठन कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।

डब्ल्यूएचओ (WHO) ने कैंसर के शुरुआती निदान के लिए एक नीति बनाई, जिससे कैंसर की देखभाल में आने वाली बाधाओं को दूर करने में मदद मिल सके और कैंसर की पहली स्टेज के लक्षण पहचान कर सकें। ऐसा करने से सभी के लिए समय पर कैंसर के निदान और बेहतर उपचार तक पहुंचने में मदद मिलती है। आज के समय में कैंसर क्योरेबल डिसीज में शामिल है क्योंकि इसका इलाज काफी मंहगा होता है। इसलिए विश्व कैंसर जागरुकता दिवस 2019 (World Cancer Awareness Day 2019) पर जानते हैं कैंसर की पहली स्टेज के लक्षण...

कैंसर की पहली स्टेज के लक्षण (Symptoms of First stage of Cancer)

1. चोट लगने पर लगातार खून बहना

अगर आपके चोट लगने पर उसमें निकलने वाला खून लंबे समय तक बहता रहता है, तो ऐसे में आप खून को डॉक्टर की मदद से उसे रोकने और उचित उपचार के बाद एक बार कैंसर संबंधी जांच जरुर करवाएं। क्योंकि चोट से लगातार खून बहना शरीर में कैंसर की पहली स्टेज के प्रमुख लक्षणों में से एक है।

2. शरीर पर छोटी-छोटी गांठ बनना

अगर आपके शरीर के किसी खास अंग में दर्द होने के साथ छोटी छोटी गांठ बन रही हैं, तो समय पर डॉक्टर की सलाह पर इनकी जांच करवाएं। क्योंकि शरीर के अंग में बनने वाली सामान्य गांठ समय पर उपचार न मिलने एक ट्यूमर में बदल सकती है, जो कैंसर का एक स्वरुप होता है।

3. बिना चोट के शरीर के अंग पर अचानक से सूजन

अगर आपके शरीर के किसी खास अंग पर अचानक बिना किसी चोट या धक्के के उस पर सूजन आ रही है, तो ये सतर्कता बरतने का समय है, क्योंकि बिना चोट और वजह के शरीर के खास हिस्से पर सूजन आना एक घातक संकेत है। इसके लिए आप बिना किसी देरी के डॉक्टर की सलाह पर कैंसर संबंधी टेस्ट करवाएं।

4. सांस लेने में तकलीफ होना

अगर आपको सर्दी, जुकाम और कफ की समस्या नहीं है फिर भी आपको पिछले कुछ दिनों से सांस लेने में बार-बार तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही आपके वजन में भी तेजी से गिरावट आ रही है, तो ऐसे में आप तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करें और उससे जुड़े टेस्ट करवाएं। क्योंकि ये फेफड़े का कैंसर यानि लंग कैंसर हो सकता है।

5. आंखों की रोशनी में बदलाव होना और सिरदर्द रहना

अगर आपको कुछ दिनों से अचानक आंखों की रोशनी में बदलाव महसूस हो और साथ ही हमेशा सिरदर्द की शिकायत रहती है, तो ऐसे में आप आई टेस्ट के अलावा डॉक्टर के कहे मुताबिक कैंसर से संबंधी जांचें जरुर करवा लें। लगातार सिरदर्द की समस्या को हल्की दवा लेकर इग्नोर करने की गलती न करें, क्योंकि ये घातक हो सकता है, ये ब्रेन ट्यूमर का शुरुआती लक्षणों में से एक माना जाता है।

कैंसर का इलाज (Treatment Of First stage of Cancer)

आमतौर पर कैंसर के इलाज में 4 तरीके अपनाए जाते हैं। जिनमें सर्जरी,रेडियोथेरपी, कीमोथेरपी और इंटरवेंशनल ऑन्कॉलजी शामिल हैं।

1. सर्जरी:

सर्जरी कैंसर का सबसे बेस्ट इलाज माना जाता है। क्योंकि इस प्रक्रिया में कैंसर वाले अंग को शरीर से अलग कर दिया जाता है। जिससे कैंसर के दुबारे आने की संभावना बेहद कम हो जाती है।

2. कीमोथेरेपी:

इसमें कैंसर से पीड़ित मरीज को कुछ खास दवाएं दी जाती हैं। जिससे कैंसर सेल को खत्म करने में मदद मिलती है। इस थेरेपी के कई साइड इफेक्ट्स भी मरीज को फेस करने पड़ते हैं, जिनमें असहनीय दर्द, शारीरिक कमजोरी, बार-बार उल्टी आना और बालों का तेजी झड़ना शामिल है। कीमोथेरपी हमेशा मरीज की स्थिति के अनुसार दी जाती है। आमतौर पर 3-3 सप्ताह के अंतराल पर कीमोथेरेपी दी जाती है।

3. रेडियोथेरेपी :

कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी के अलावा रेडियोथेरेपी भी बेहद असरदार होती है। इस थेरेपी में कैंसर सेल को खत्म करने के लिए मशीन की मदद से कैंसर वाले ट्यूमर पर कंट्रोल्ड रेडिएशन डाली जाती हैं। रेडियोथेरेपी को एक दिन में करने के लिए सिर्फ 15-20 मिनट लगते हैं जबकि सप्ताह में इसे 5 दिन तक दिया जा सकता है। रेडियोथेरेपी में मुंह का सूखना, स्किन का काला होना, और डायरिया की समस्या होना सामान्य बात है।

4. इंटरवेंशनल ऑन्कोलॉजी:

इंटरवेंशनल ऑन्कॉलजी में सूई की मदद से कैंसर प्रभावित वाली जगह पर सीधे दवा डाली जाती है और उसे जलाया जाता है। इंटरवेंशनल ऑन्कोलॉजी थेरेपी का सबसे ज्यादा उपयोग लिवर कैंसर में किया जात है।

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