Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

सेमीफाइनल में हारीं सिंधु, वर्ल्ड सुपर सीरीज से हुईं बाहर

सिंधु साइना के बाद फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी भारतीय शटलर बनने से चूक गईं।

सेमीफाइनल में हारीं सिंधु, वर्ल्ड सुपर सीरीज से हुईं बाहर
दुबई. रियो ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट पीवी सिंधु को वर्ल्ड सुपर सीरीज फाइनल्स बैडमिंटन के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। करियर में पहली बार विश्व सुपर सीरीज फाइनल्स बैमिंटन टूर्नामेंट में शिरकत कर रहीं ओलंपिक रजत पदक विजेता भारत की पीवी सिंधु का फाइनल में पहुंचने का सपना कोरिया की सुंग जी ह्यून के हाथों शनिवार को सेमीफाइनल में कड़े संघर्ष में 15-21,21-15, 15-21 से हार कर टूट गया। इसी के साथ वह साइना के बाद फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी भारतीय शटलर बनने से चूक गईं।
सिंधु ने किया जमकर मुकाबला
ग्रुप बी में अपने दो मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली सिंधु ने इस मैच में कड़ा संघर्ष किया। लेकिन इसके बाद भी वे कोरियाई अपोनेंट को नहीं हरा सकीं। सिंधु ने पहला गेम 15-21 से गंवाने के बाद दूसरा गेम 21-18 से जीतकर जोरदार वापसी की। लेकिन तीसरे गेम में कोरिया की खिलाड़ी ने अपने खेल के स्तर को ऊपर उठाते हुए सिंधु पर लगातार बढ़त बनाए रखी और 21-15 से यह गेम तथा मुकाबला अपने नाम कर लिया। फाइनल में सुंग यू का सामना चीनी ताइपे की तेई जू यिंग से होगा। तेई जू यिंग ने एक अन्य सेमीफाइनल में चीन की सुन यू को 21-19, 21-19 से हराया।
सिंधु भी साइना नेहवाल की सूची में ही शामिल
इसी के साथ सिंधु भी साइना नेहवाल की सूची में ही शामिल हो गई, जो 2008 में पहली बार इस टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करने के बाद सिर्फ इस साल और उससे पहले 2010 को छोड़कर हर बार इसमें खेलीं, लेकिन कभी जीतने में सफल नहीं हो पाई। सिंधु यदि फाइनल में पहुंचती तो साइना के बाद ऐसा करने वाली सिर्फ दूसरी भारतीय शटलर बन जातीं। साइना ने 2011 में फाइनल में प्रवेश किया था, लेकिन जीतने में सफल नहीं हुई थीं।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, साइना 2008, 2009, 2012 और 2014 में यहां सेमीफाइनल तक पहुंची हैं, लेकिन 2013 और 2015 में उन्हें ग्रुप स्टेज पर ही हारकर बाहर होना पड़ा था। इसी तरह किदांबी श्रीकांत भी 2014 में सेमीफाइनल तक पहुंचकर हार गए थे। इन तीनों भारतीय शटलरों के अलावा कोई अन्य भारतीय शटलर वर्ल्ड सुपर सीरीज फाइनल्स के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया हैं।
एक दिन पहले ही धमाकेदार अंदाज में जीत दर्ज
विश्व की नंबर एक खिलाड़ी स्पेन की कैरोलिना मारिन पर एक दिन पहले ही धमाकेदार अंदाज में जीत दर्ज करने वाली सिंधु से इस मैच में उम्मीदें बढ़ गयीं थीं और एक बार जब दूसरा गेम जीतकर उन्होंने वापसी की तो यह लगने लगा कि वह खिताबी मुकाबले में जगह बना सकती हैं। लेकिन दाद देनी होगी कोरियाई खिलाड़ी की, जिन्होंने सिंधु पर लगातार दबाव बनाए रखा और यह मुकाबला जीतकर ही दम लिया।
एक घंटे 16 मिनट तक चला मुकाबला
विश्व की 10वें नंबर की सिंधु ने एक घंटे 16 मिनट तक चले मुकाबले में पांचवें नंबर की सुंग जी ह्यून को लगातार परेशान रखा। कोरियाई खिलाड़ी के चेहरे पर भी तनाव साफ देखा जा सकता था।
सुंग के खिलाफ 6-4 का करियर रिकॉर्ड
सिंधु का इस हार के बाद सुंग के खिलाफ 6-4 का करियर रिकॉर्ड हो गया है। पिछले दिनों चाइना ओपन का खिताब जीतने के बाद हांगकांग ओपन में उपविजेता बनने वाली सिंधु के लिए राहत की बात यही कही जा सकती है कि जहां टूर्नामेंट में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता मारिन संघर्ष करती नजर आईं, वहीं सिंधु ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top