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ICC नहीं बदलेगी टेस्ट क्रिकेट की 140 साल पुरानी परंपरा, इन दो खिलाड़ियों की नाराजगी ने बदल दिया सारा खेल

अनिल कुंबले की अगुवाई वाली आईसीसी की क्रिकेट समिति ने मंगलवार को खेल के इस 140 साल पुरानी पारपंरिक परंपरा को हटाने के खिलाफ फैसला करते हुए इसे खेल का अभिन्न हिस्सा करार किया।

ICC नहीं बदलेगी टेस्ट क्रिकेट की 140 साल पुरानी परंपरा, इन दो खिलाड़ियों की नाराजगी ने बदल दिया सारा खेल
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अनिल कुंबले की अगुवाई वाली आईसीसी की क्रिकेट समिति ने मंगलवार को खेल के पारपंरिक प्रारूप से टॉस हटाने के खिलाफ फैसला करते हुए इसे खेल का अभिन्न हिस्सा करार किया जिससे टेस्ट मैच में खेल से पहले बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण तय करने के लिये आगे भी सिक्के से फैसला हेागा।

पूर्व भारतीय कप्तान की अगुवाई में समिति ने खिलाड़ियों के व्यवहार के संबंध में सिफारिशें की और विश्व क्रिकेट संचालन संस्था से कड़े कदम उठाने तथा खिलाड़ियों और प्रतिस्पर्धी टीम के बीच ‘सम्मान की संस्कृति' को बरकरार रखने की वकालत की। इसने गेंद से छेड़छाड़ में शामिल होने के लिये कड़ी सजा की भी बात कही।

टॉस क्रिकेट का अभिन्न हिस्सा

आईसीसी ने कहा कि समिति ने चर्चा की कि क्या टॉस का अधिकार सिर्फ दौरा करने वाली टीम के सुपुर्द कर दिया जाये लेकिन बाद में महसूस किया गया कि यह टेस्ट क्रिकेट का अभिन्न हिस्सा है जो खेल की शुरूआत में मैच की भूमिका तय करता है। चर्चा का विषय यह भी था कि क्या टेस्ट मैचों के दौरान घरेलू हालात के फायदे को कम करने के लिये टॉस (दौरा करने वाली टीम को चुनने का अधिकार मिले) को खत्म कर दिया जाये।

बन गया था विवादास्पद मुद्दा

टॉस को हटाया जाना एक विवादास्पद मुद्दा बन गया था क्योंकि ज्यादातर पूर्व खिलाड़ियों और हिस्सेदारों ने इसे नकारात्मक कदम बताया था। अंतिम दो दिन में ज्यादातर समय खिलाड़ियों के बुरे बर्ताव पर चर्चा करने में निकला जिससे खेल पिछले कुछ समय से जूझ रहा है जबकि गेंद से छेड़छाड़ का मुद्दा भी अहम रहा।

आचार संहिता संबंधी सुझाव

आचार संहिता के संबंधित कुछ सुझाव इस प्रकार हैं - गेंद से छेड़छाड़ से जुड़े प्रतिबंध को बढ़ाना। अपमानजनक , व्यक्तिगत और आक्रामक अपशब्दों के लिये नये उल्लघंन बनाना। अनुचित फायदा उठाने का प्रयास करने के लिये नये अपराध को शामिल करने पर विचार करना। सम्मान संहिता बनाना। मैच रैफरी को किसी अपराध या उल्लघंन के स्तर को बढ़ाने या घटाने का अधिकार देना।

बैठक में ये रहे शामिल

समिति में हालांकि पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तान जैसे माइक गैटिंग , माहेला जयवर्धने , मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कोच माइकल हेसन (न्यूजीलैंड) और पूर्व आस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज और मैच रैफरी डेविड बून भी शामिल थे।

पिचों की गुणवत्ता पर ध्यान जरूरी

ये सब इस बात पर सहमत थे कि मेजबान देश को विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप को ध्यान में रखते हुए बेहतर स्तर की पिचें तैयार करनी चाहिए।इसके अनुसार टेस्ट पिचों को तैयार करना आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप की प्रतिस्पर्धिता को जोखिम पैदा कर सकता है, यह बात स्वीकार करते हुए समिति ने सदस्यों से पिचों की गुणवत्ता पर ध्यान जारी रखने का आग्रह किया ताकि आईसीसी नियमों के अंतर्गत बल्ले और गेंद के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सके।

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