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HBD Rahul Dravid: स्कॉटलैंड की ओर से भी खेले हैं राहुल द्रविड़, जानें ऐसे ही 10 रोचक बातें, जिनसे आप आजतक होंगे अंजान

भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) निस्संदेह भारत के अब तक के सबसे महान क्रिकेटरों में से एक हैं। राहुल द्रविड़ 11 जनवरी को अपना 46वां जन्मदिन मना रहे हैं। आप में से बहुत से लोग भारत की महान दीवार राहुल द्रविड़ की बारें में ये रोचक बातें नहीं जानते होंगे।

HBD Rahul Dravid: स्कॉटलैंड की ओर से भी खेले हैं राहुल द्रविड़, जानें ऐसे ही 10 रोचक बातें, जिनसे आप आजतक होंगे अंजान

Rahul Dravid 10 Interesting Facts:

राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) निस्संदेह भारत के अब तक के सबसे महान क्रिकेटरों में से एक हैं। वनडे और टेस्ट दोनों में 10,000 से अधिक रन के साथ द्रविड़ ने सभी परिस्थितियों में अपने क्लास और तकनीक का लोहा मनवाया है। क्रिकेट में एक कहावत मशहूर है अगर क्रिकेट जेंटलमैन गेम है तो राहुल द्रविड़ वह जेंटलमैन हैं। राहुल द्रविड़ 11 जनवरी को अपना 46वां जन्मदिन मना रहे हैं। आप में से बहुत से लोग भारत की महान दीवार राहुल द्रविड़ की बारें में ये रोचक बातें नहीं जानते होंगे।

Rahul Dravid Records List: राहुल द्रविड़ को यूं ही नहीं कहा जाता था 'दीवार', द्रविड़ की ये रिकॉर्ड्स लिस्ट दे रही है गवाही

आगे जानते हैं राहुल द्रविड़ के बारे में 10 रोचक बातें जिनसे आप आजतक अंजान होंगे।

1. प्रारंभिक जीवन: महाराष्ट्रियन मूल:

राहुल द्रविड़ का जन्म 11 जनवरी 1973 को भारत के इंदौर, मध्यप्रदेश में हुआ था। उनका जन्म एक मराठी परिवार में उनके माता-पिता पुष्पा और शरद के यहां हुआ था। द्रविड़ ने अपना अधिकांश जीवन कर्नाटक में गुजारा है।

2. उसके जीन में प्रतिभा:

राहुल द्रविड़ की मां पुष्पा बैंगलोर के यूनिवर्सिटी विश्वेश्वरैया कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग (UVCE) में आर्किटेक्चर की प्रोफेसर थीं। वह एक कलाकार भी थीं और बैंगलोर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती थीं। उनके पिता शरद जैम के एक कारखाने में काम करते थे और बहुत बड़े क्रिकेटप्रेमी थे। द्रविड़ अक्सर क्रिकेट मैचों में अपने पिता के साथ जाते थे।

3. एक शिक्षित क्रिकेटर:

राहुल द्रविड़ ने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट जोसेफ बॉयज़ हाई स्कूल बैंगलोर में की और सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स, बैंगलोर से वाणिज्य में डिग्री हासिल की। सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में एमबीए की पढ़ाई करते हुए उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम में चुना गया था।

4. 1999 विश्व कप में सबसे अधिक रन बनाने वाले:

राहुल द्रविड़ को टेस्ट खिलाड़ी के रूप में ज्यादा जाना जाता था। हालांकि 1999 में आईसीसी विश्व कप के दौरान द्रविड़ ने अपने आलोचकों को करारा जवाब देते हुए सीमित ओवरों के मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया। वह 8 मैचों में 65.85 के औसत और 85.52 के स्ट्राइक रेट के साथ 461 रन के साथ टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर रहे।

5. ईडन गार्डन में ऐतिहासिक जीत:

2000-01 में ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत के दौरे पर थी, उस दौरान कोलकाता टेस्ट में भारत ने इतिहास रचा था। ऑस्ट्रेलिया के 445 के जवाब में भारत 171 रनों पर ढेर हो गया। इसके बाद फोलोआन खेलते हुए वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ के बीच 375 रनों की शानदार साझेदारी की बदौलत भारत ने 657/7 का स्कोर बनाया। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 212 रन पर आउट हो गई और भारत ने 171 रन से मैच जीत लिया। राहुल द्रविड़ ने मैच की दूसरी पारी में 180 रन बनाए थे।

6. लगातार चार टेस्ट शतक:

राहुल ने लगातार चार टेस्ट मैच की पारी में शतक बनाने वाले एकमात्र भारतीय होने का गौरव हासिल किया जब उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई में नाबाद 100 रन बनाए। इससे पहले उन्होंने पिछला तीन शतक 115, 148 और 217 साल 2002 में भारत के इंग्लैंड दौरे के दौरान बनाया था।

7. करिश्माई कप्तान:

वह दक्षिण अफ्रीका की धरती पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीतने वाले भारत के पहले कप्तान थे। वह इंग्लैंड में टेस्ट श्रृंखला जीतने वाले भारत के केवल तीसरे कप्तान थे जब 2007 में भारत ने श्रृंखला जीती थी। राहुल ने भारत को 2006 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ एक ऐतिहासिक टेस्ट श्रृंखला में जीत दिलाई थी। 1971 के बाद से भारत ने वेस्टइंडीज में कभी टेस्ट श्रृंखला नहीं जीती थी।

8. अजीब संयोग- एक ही मैच में डेब्यू और रिटायर्मेंट:

राहुल द्रविड़ एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एक ही मैच में डेब्यू किया और संन्यास लिया है। उन्होंने एकमात्र T20 इंटरनेशनल मैच खेला था। द्रविड़ ने मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ इस एकमात्र टी20 मैच में लगातार 3 छक्के लगाते हुए 21 गेंदों में 31 रन बनाए थे।

9. राहुल द्रविड़- स्कॉटलैंड के खिलाड़ी:

बहुतों को यह नहीं पता होगा कि राहुल द्रविड़ ने 2003 में स्कॉटलैंड के लिए 11 मैच खेले हैं। वह इंग्लैंड में नेशनल क्रिकेट लीग के लिए एक विदेशी खिलाड़ी के रूप में स्कॉटलैंड में शामिल हुए और हैम्पशायर के खिलाफ अपनी शुरुआत की। वह स्कॉटलैंड के लिए 11 मैचों में 66.66 के औसत से 3 शतक और 2 अर्द्धशतक के साथ 600 रन के साथ शीर्ष स्कोरर बने।

10. मुल्तान में विवादास्पद घोषणा:

साल 2004 में सौरव गांगुली के चोटिल होने के बाद राहुल द्रविड़ प्रभारी कप्तान थे। मुल्तान में पाकिस्तान के खिलाफ उस मैच में उन्होंने भारतीय पारी की घोषणा की, जब सचिन 194 पर बल्लेबाजी कर रहे थे, जिससे वह महज 6 रन से दोहरा शतक वंचित रह गए थे। यह उनके कप्तानी कार्यकाल में सबसे अधिक बहस वाले फैसलों में से एक है।

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