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मंगलवार, मार्च 19, 2019  

शहीद क्रांति कुमार को भूली सरकार

शहीद क्रांति कुमार को भूली सरकार
आज हम आजाद हवा में सांस ले रहे हैं। यह आजाद हवा जिन क्रांतिकारियों की बदौलत हमें मिली, अब धीरे-धीरे हम उन्हें हाशिए पर सरकाते जा रहे हैं। बहरहाल, दो दिन पूर्व पानीपत व उसके आसपास कुछ पुराने लोगों ने इस अमर शहीद को भरपूर याद किया, जिसे शहीदे आज़म भगत सिंह का गहरा दोस्त होने के बावजूद वर्ष 1966 में इसी पानीपत में उन्मादी लोगों की एक भीड़ ने जला दिया था। शहीदे आज़म क्रांतिकुमार शर्मा वर्ष 1902 में बाबा फरीद की नगरी पाकपट्टन के समीपवर्ती कस्बे शदघरा में पैदा हुए थे। जन्म का नाम हंसराज शर्मा था। मगर एक अन्य क्रांतिकारी साथी हंसराज के सरकारी मुखबिर बन जाने के बाद स्वयं भगत सिंह ने इस दोस्त का नाम हंसराज से बदलकर क्रांति कुमार रख दिया था।
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