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एक खास प्रोटीन से आ सकती है अल्जाइमर्स मरीजों की याददाश्त वापस

विशेषज्ञ अल्जाइमर्स मरीजों की याददाश्त चली जाने की वजह ढूंढ़ने में कामयाब हो गए है।

एक खास प्रोटीन से आ सकती है अल्जाइमर्स मरीजों की याददाश्त वापस
नई दिल्ली। अल्जाइमर्स के मरीजों की याददाश्त वापस लौट सकती है। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल और अमेरिका के लूईसविल विश्वविद्यालय के डॉक्टरों के शोध से इस चमत्कार के सच होने की उम्मीद जगी है। विशेषज्ञ अल्जाइमर्स मरीजों की याददाश्त चली जाने की वजह ढूंढ़ने में कामयाब हो गए है। एक खास प्रकार के प्रोटीन से इस गंभीर समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
सामान्यत: बुजुर्गावस्था में होने वाला यह एक ऐसा रोग है, जिसमें रोगी की स्मरणशक्ति गंभीर रूप से कमजोर हो जाती है। याददाश्त क्षीण होने के अलावा रोगी की सूझबूझ, भाषा, व्यवहार और उसके व्यक्तित्व पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
शोध में शामिल गंगाराम अस्पताल के बायोकेमिस्ट्री विभाग की डॉ. सीमा भार्गव ने बताया कि शरीर में विषैला पदार्थों के बढ़ने से रक्त नलिकाओं में बाधा उत्पन्न हो जाती है, जिसके चलते मरीज में याददाश्त एवं सुनने की शक्ति चली जाती है। शरीर में एच-16 तत्व की मात्रा बढ़ने पर रक्त नलिकाओं में अवरोध उत्पन्न हो जाता है।
डॉ. भार्गव ने बताया कि अमेरिका की लूईसविला विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला में चूहों पर शोध किया गया था। अध्ययन में पता चला कि जिन चूहों के शरीर में एच-16 की मात्रा बढ़ी हूई थी, उनकी याददाश्त सामान्य चूहों की अपेक्षा कम थी। जिन चूहों में एच-16 की मात्रा बढ़ी हूई थी लेकिन उनमें एमएमपी-9 नामक प्रोटीन भी मौजूद था, उनकी याददाश्त सामान्य चूहों की तरह थी। उन्होंने बताया कि अल्जाइमर्स के मरीजों के शरीर में भी एच-16 बढ़ा हुआ होता है। ऐसे में अगर उनके शरीर में एमएमपी-9 को बढ़ा दिया जाए तो उनकी याददाश्त और सुनने की शक्ति वापस आ सकती है।
नीचे की स्‍लाइड्स में पढ़िए, क्या करें जब जूझ रहे हों अल्जाइमर्स से -

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