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चमकी बुखार : जानें क्या है एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम

Health Tips : एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (Acute Encephalitis Syndrome) बच्चों में होने वाली एक जानलेवा बीमारी है। इसे आम बोलचाल भाषा में दिमागी बुखार (Brain Fever), जापानी बुखार (Japani Fever) के नाम से जाना जाता है। बिहार (Bihar) के मुजफ्फरपुर में अब तक इस एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (Acute Encephalitis Syndrome)से लगभग 100 बच्चे अपनी जान गंवा चुके हैं। इसलिए आज हम आपको एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम की पूरी जानकारी और चमकी बुखार से संबंध के बारे में बता रहे हैं।

चमकी बुखार : जानें क्या है एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम

Acute Encephalitis Syndrome : एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (Acute Encephalitis Syndrome) बच्चों में होने वाली एक जानलेवा बीमारी है। इसे आम बोलचाल भाषा में दिमागी बुखार (Brain Fever), जापानी बुखार (Japani Fever) के नाम से जाना जाता है। बिहार (Bihar) के मुजफ्फरपुर में अब तक इस एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (Acute Encephalitis Syndrome)से लगभग 100 बच्चे अपनी जान गंवा चुके हैं। इसलिए आज हम आपको एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम की पूरी जानकारी और चमकी बुखार से संबंध के बारे में बता रहे हैं।

क्या है एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम

एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (Acute Encephalitis Syndrome) यानि AES एक ऐसी जानलेवा बीमारी है। जिसमें बच्चे को को तेज बुखार के साथ मस्तिष्क में सूजन आना सामान्य है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation-WHO) ने साल 2006 में AES शब्द को एक ऐसे रोग समूह के रूप में पहचान दी है, जो अन्य रोगों के समान दिखती है लेकिन इसके फैलने के अनेक कारण होते हैं। AES के पिछले कुछ दशकों से बैक्टीरिया, कवक, परजीवी, स्पाइरोकेट्स (spirochetes), रसायन, विषाक्त पदार्थ और गैर-संक्रामक वस्तुओँ के के कारण भी इसके फैलने की घटनाएं सामने आई हैं। इस बीमारी की अभी तक कोई वैक्सीन नहीं बनी हैं। AES विशेष रूप से बच्चों और युवा वयस्कों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है।




एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम फैलने का कारण

बिहार में हो रही बच्चों की मौत पर सभी डॉक्टर्स एकमत नहीं हैं, कोई अधपकी लीची खाने की वजह मान रहा है, तो कोई खाना न खाने से रात को हाइपोग्लाइसीमिया या लो-ब्लड शुगर की समस्या को मौत की वजह मान रहा है। क्योंकि भूखे रहने से बच्चे को लिवर और मसल्स में फैटी एसिड्स जो शरीर में एनर्जी पैदा करते हैं और ग्लूकोज बनाते हैं, उनका का ऑक्सीकरण होने लगता है यानि ग्लाइकोजन-ग्लूकोज की स्टोरेज बहुत कम हो जाती है जिससे हाइपोग्लाइसीमिया या लो-ब्लड शुगर की समस्या होने लगती है और बच्चे को बेहोशी आने लगती है।

एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम के लक्षण

1. तेज बुखार आना

2. शरीर में ऐंठन महसूस होती है

3. शरीर के तंत्रिका संबंधी कार्यों में रुकावट आने लगती है

4. मानसिक भटकाव महसूस होता है

5. बेहोशी आना

6.शरीर में चमकी होना यानि दौरे पड़ना

7.हाथ पैर में कंपन होना, पूरे शरीर या किसी अंग में लकवा मार जाना

8.सिर में उभरी हुई चित्ती

9.शरीर में जकड़न नज़र आना

10.दूध कम पीना





एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम का उपचार

1. गंदे पानी पीने से बचें

2. घर के आसपास पानी न जमा होने दें

3.बारिश के मौसम में बच्चों को बेहतर खान-पान दें

4.मच्छरदानी या कीटनाशक दवा का उपयोग करें

5.बच्चों को पूरे कपड़े पहनाएं

6.इन सब के अलावा इन्सेफेलाइटिस से बचने के लिए टीकाकरण कराएं

7. बच्चे को बार-बार ओआरएस को घोल पिलाएं

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