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बच्चों का दिमाग तेज करने के आसान तरीके

Health Tips : सभी बच्चों की सीखने की क्षमता एक जैसी नहीं होती है। लेकिन बच्चे को पढ़ाते या समझाते हुए कुछ बातों पर ध्यान दिया जाए तो उनकी मेमोरी को बूस्ट किया जा सकता है। जानिए, कैसे हो सकती है बच्चों की मेमोरी बूस्ट।

बच्चों का दिमाग तेज करने के आसान तरीके
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Health Tips : किसी भी बात को सीखने, समझने और उसे याद रखने के लिए मेमोरी का अच्छा होना बहुत जरूरी है। लेकिन कुछ बच्चे ऐसे होते हैं, जो सब कुछ अच्छी तरह देखते-समझते हैं, लेकिन याद नहीं रख पाते हैं। इसका एक कारण है कि उनकी मेमोरी पावर का स्ट्रॉन्ग न होना। कई पैरेंट्स अपने बच्चों की मेमोरी को बूस्ट करने के लिए उन पर बहुत प्रेशर डालते हैं। इसके बजाय पैरेंट्स को समझदारी से काम लेना चाहिए, बच्चों की मेमोरी बूस्ट करने के लिए कुछ कारगर तरीकों पर गौर करना चाहिए।

अलग हो सिखाने का तरीका

बच्चों की मेमोरी पावर को बढ़ाने का एक आसान और बेहतरीन तरीका है कि सबसे पहले उनके सीखने के तरीकों पर गौर किया जाए। हर बच्चे का समझने, सीखने और याद रखने का तरीका अलग होता है। मसलन, कुछ बच्चे देखकर जल्दी सीखते हैं तो ऐसे में उन्हें वीडियो, पिक्चर, डायग्राम या चार्ट के जरिए समझाना या याद करना आसान रहता है।

वहीं सुनकर सीखने वाले बच्चों के लिए ऑडियो टेप और रिकॉर्डिंग की मदद ली जा सकती है। इसी तरह, कुछ बच्चे खुद चीजों को करके सीखते हैं, इसलिए उनके साथ मिलकर प्रोजेक्ट बनवाएं, जिससे वह कॉन्सेप्ट को अच्छी तरह समझ सकें।

टाइम का रखें ध्यान

आपने शायद कभी ध्यान न दिया हो लेकिन समय भी मेमोरी को बेहतर बनाने में मदद करता है। आमतौर पर माना जाता है कि सुबह जल्दी उठकर पढ़ने से लेसन देर तक याद रहते हैं लेकिन हर बच्चे के साथ ऐसा नहीं होता। अलग-अलग समय में हर बच्चे का दिमाग अलग तरीके से काम करता है।

कुछ बच्चे देर रात तक पढ़कर किसी चैप्टर को अच्छे से समझ और याद रख पाते हैं, वहीं कुछ बच्चों को रात में नींद आती है, वे ठीक से इस समय पढ़ नहीं पाते हैं। ऐसे में पैरेंट्स को चाहिए कि जो बच्चे रात को पढ़ सकते हैं, उन्हें उस समय आराम से पढ़ने दें और उनके साथ बने रहें। जो बच्चे देर तक रात को उठ नहीं पाते हैं, उन्हें आराम करने दें, उन्हें सुबह उठकर पढ़ने के लिए मोटिवेट करें।

रखें ध्यान

- कभी भी बच्चों पर दबाव न बनाएं। इससे बच्चा स्ट्रेस में आ जाता है और चाहकर भी कुछ नहीं समझ या सीख पाता।

- अगर बच्चा पढ़ाई के दौरान किसी सब्जेक्ट या टॉपिक पर मुश्किल महसूस कर रहा है तो पैरेंट्स उसे समझाएं। साथ ही साथ कुछ सरल उदाहरण दें, जिससे वह उस टॉपिक को अच्छी तरह समझ पाए।

- कभी भी बच्चे को एकसाथ बहुत से सब्जेक्ट्स या टॉपिक्स को समझाने की कोशिश न करें। इससे बच्चे का फोकस नहीं बन पाता है और वह हमेशा ही परेशान रहता है। इसलिए पहले एक कॉन्सेप्ट समझाएं, जब वह बच्चे को पूरी तरह क्लीयर हो जाए, तभी दूसरे सब्जेक्ट की तरफ बढ़ें।

लेखिका - मिताली जैन

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