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Health Tips: 40 की उम्र में पुरानी फिटनेस को पाने के लिए करें ये एक्सरसाइज

एक्सरसाइज करना हर उम्र में फायदेमंद होता है। लेकिन जब आप तीस पार हो जाएं तो रेग्युलर एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। साथ ही एक्सरसाइज करते वक्त हर स्टेप को ठीक से किया जाना चाहिए। तभी खुद को फिट रखा जा सकता है।

Health Tips: 40 की उम्र में पुरानी फिटनेस को पाने के लिए करें ये एक्सरसाइज

एक्सरसाइज करना हर उम्र में फायदेमंद होता है। लेकिन जब आप तीस पार हो जाएं तो रेग्युलर एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। साथ ही एक्सरसाइज करते वक्त हर स्टेप को ठीक से किया जाना चाहिए। तभी खुद को फिट रखा जा सकता है। कुछ यूजफुल एक्सरसाइजेज के बारे में फिटनेस ट्रेनर आयुष सेठी पूरी जानकारी दे रहे हैं।

उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं के शरीर में काफी बदलाव आते हैं। खासतौर से तीस के बाद कई तरह की शारीरिक समस्याएं होने लगती हैं।

इस उम्र में कमजोर मेटाबॉलिज्म, एक्सेस फैट, कमजोर मसल्स जैसी समस्याएं ज्यादा होती हैं। अगर महिलाएं रेग्युलर एक्सरसाइज करें, तो इन प्रॉब्लम से बचा जा सकता है।

एक्सरसाइज करते वक्त सही पैटर्न को फॉलो करना भी जरूरी है, तभी पॉजिटिव रिजल्ट सामने आता है।

हाफ क्रंचेस

बेली फैट को कम करने, कोर मसल्स को बेहतर बनाने के लिए क्रंचेस एक्सरसाइज काफी लाभदायक होती है। क्रंचेस एक्सरसाइज को आप कई तरह से कर सकती हैं।

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अगर आपने हाल-फिलहाल एक्सरसाइज करना शुरू किया है, तो अपनी एक्सरसाइज रुटीन में हाफ क्रंचेस को शामिल कर सकती हैं। इसे करने के लिए आप सबसे पहले किसी समतल जगह पर लेट जाएं। फिर अपने दोनों हाथों को सिर के पीछे लेकर अंगुलियों को आपस में क्रॉस कर लें।

इसके बाद सिर को थोड़ा ऊपर उठाएं। याद रखें कि क्रंच करते समय जब भी ऊपर की ओर उठें, तो सांस को छोड़ें। दोबारा सिर को वापस जमीन पर ले जाएं, लेटते समय सांस लें।

इस एक्सरसाइज को हाफ क्रंच इसलिए कहा जाता है क्योंकि सिर को ही ऊपर उठाया जाता है, जबकि फुल क्रंच में कमर तक का हिस्सा ऊपर उठता है। अगर सर्वाइकल और गर्दन दर्द से लंबे समय से परेशान हैं, तो इस एक्सरसाइज को बिल्कुल न करें।

लेट कर करें साइक्लिंग

आपने कई बार साइकिल चलाई होगी, इसमें आपके पैर जिस तरह से घुमते हैं, उसी तरह से लेट कर साइक्लिंग एक्सरसाइज की जाती है। इस एक्सरसाइज को करने के लिए पीठ के बल सबसे पहले जमीन पर लेट जाएं। अब दोनों पैरों को हवा में ऊपर उठाएं।

इसके बाद पैरों को ठीक वैसे चलाएं, जैसे साइकिल चलाते हुए पैर चलते हैं। यह महिलाओं के लिए बेहतरीन एक्सरसाइज है। इस एक्सरसाइज से पैरों की मसल्स मजबूत होती है। इसके अलावा कैलोरी बर्न करने का भी यह एक बेहतर तरीका है।

स्किपिंग

स्किपिंग यानी रस्सी-कूदना, शरीर के लिए एक कंप्लीट एक्सरसाइज है। इस एक्सरसाइज को डेली रुटीन में शामिल करने के बाद किसी और एक्सरसाइज को करने की जरूरत ही नहीं होती। इस एक्सरसाइज से बेली फैट कम होता है, मसल्स टोन होती हैं।

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इतना ही नहीं यह एक्सरसाइज शरीर के साथ-साथ दिमाग के लिए भी काफी हेल्पफुल है। इसे आप वार्मअप एक्सरसाइज की तरह भी कर सकती हैं। ध्यान रखें कि अगर आपके पैर कमजोर हैं या अकसर पैरों में दर्द और ऐंठन होती है, तो स्किपिंग करने से बचें।

नीअप

नीअप को आप वॉर्मअप एक्सरसाइज की तरह कर सकती हैं। इसे करने के लिए सबसे पहले सीधी खड़ी हो जाएं। इसके बाद दाएं पैर के घुटने को मोड़ते हुए ऊपर की ओर ले जाएं, फिर नीचे लाएं। इसके बाद बाएं पैर से यही क्रिया दोहराएं।

आप चाहें तो सुविधानुसार पैरों के क्रम को बदल सकती हैं। इस एक्सरसाइज को करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। अगर आप नीअप एक्सरसाइज को रेग्युलर करेंगी तो पैरों में फ्लेक्सिबिलिटी आएगी और कमर दर्द की शिकायत दूर होगी।

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