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शाहरुख की 'फैन' देखने के बाद YRF पर दर्शक ने किया मुकदमा तो सुप्रीम कोर्ट से मिला ये जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) के एक आदेश पर रोक लगा दी है। इस ऑर्डर में यश राज फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड को शाहरुख खान की 'फैन' फिल्म में 'जबरा फैन' गाने को न दिखाने के खिलाफ शिकायत करने वाली पीड़ित उपभोक्ता को मुकदमे की लागत के साथ 10,000 रुपये का भुगतान करने के निर्देश दिये गये थे।

शाहरुख की फैन देखने के बाद YRF पर दर्शक ने किया मुकदमा तो सुप्रीम कोर्ट से मिला ये जवाब
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) के एक आदेश पर रोक लगा दी है। इस ऑर्डर में यश राज फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड (Yash Raj Films Private Limited) को शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की 'फैन' (Fan) फिल्म में 'जबरा फैन' (Jabra Fan) गाने को न दिखाने की शिकायत करने वाली पीड़ित उपभोक्ता को मुकदमे की लागत के साथ 10,000 रुपये का भुगतान करने के निर्देश दिये गये थे।

जस्टिस हेमंत गुप्ता और वी रामसुब्रमण्यम की बेंच ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (Central Board Of Film Certification) और शिकायतकर्ता को एक नोटिस जारी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट का ये आदेश 'यश राज फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आया, जिसमें एनसीडीआरसी (NCDRC) के आदेश को चुनौती दी गई थी। दरअसल शिकायतकर्ता आफरीन फातिमा जैदी जो कि पेशे से एक टीचर है उन्होंने यश राज फिल्म्स पर आरोप लगाया था कि उनके साथ धोखा किया गया, क्योंकि फिल्म 'फैन' के प्रोमो और ट्रेलर में दिखाया गया गाना 'जबरा फैन' फिल्म थियेटर में नहीं बजाया गया था। वहीं यशराज फिल्म्स (YRF) के वकील ने शीर्ष अदालत के सामने दलील दी थी कि 'जबरा फैन' गाना केवल प्रचार के उद्देश्य से बनाया गया था और प्रोडक्शन हाउस इसे फिल्म में शामिल करने के लिए बाध्य नहीं था।

आगे यशराज फिल्म्स की ओर से कहा गया कि वह सर्विस प्रोवाइडर की श्रेणीं में नहीं आते हैं। उनका कहना था कि शिकायत कर्ता ने सिनेमा हॉल की सेवाओं का लाभ उठाया था, जिससे प्रोडक्शन हाउस या फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर और प्रोड्यूसर का कोई संबंध नहीं है। आपको बता दें कि साल 2017 में, जिला उपभोक्ता फोरम ने शिकायतकर्ता के दावे को खारिज कर दिया था। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य आयोग ने उसे अपील की अनुमति दी और प्रोडक्शन हाउस को 10,000 रुपये के साथ-साथ 5,000 रुपये की मुकदमे की लागत के साथ मुआवजा देने का आदेश दिया था। एनसीडीआरसी ने पिछले साल शिकायतकर्ता के पक्ष में आदेश पारित किया था।

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