मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। युद्ध के दो सप्ताह बीतने के बाद भी स्थिति जटिल बनी हुई है और किसी भी पक्ष के पीछे हटने के संकेत नहीं मिल रहे हैं।
ईरान ने लगातार प्रतिरोध जारी रखते हुए अपने रुख को सख्त बनाए रखा है, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगी सैन्य तथा कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस बीच वैश्विक समुदाय की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कोई देश इस संघर्ष में मध्यस्थता कर पाएगा या यह टकराव और लंबा खिंच सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यही है-
Iran और America-Israel की जंग कब थमेगी ? क्या कोई देश करा पाएगा इनके बीच मध्यस्थता?
इसी मुद्दे पर हरिभूमि और INH के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ विशेष “चर्चा” में रक्षा विशेषज्ञों, विदेश नीति के जानकारों और पत्रकारों ने अपनी-अपनी राय रखी।
चर्चा में शामिल हुए
- डॉ. ब्रह्मदीप अलूने – विदेश मामलों के जानकार
- शहजाद अनवर फारुकी – वरिष्ठ पत्रकार, पाकिस्तान
- डॉ. चरण सिंह – पूर्व चेयर प्रोफेसर, RBI
- जे.एस. सोढ़ी – लेफ्टिनेंट कर्नल (से.नि.), रक्षा विशेषज्ञ
इस गंभीर मुद्दे पर किसने क्या कहा?
ऊपर दिए गए वीडियो में देखिए पूरी चर्चा और विशेषज्ञों की राय।










