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बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताली राजस्व अधिकारियों को 24 घंटे की मोहलत दी है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक राजस्व महाअभियान के 46 लाख आवेदनों का निपटारा करना जरूरी है।

Bihar News: बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कामकाज को सुचारू बनाने के लिए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताली अधिकारियों को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जो अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व अधिकारी अगले 24 घंटे के भीतर अपने काम पर वापस लौट आएंगे, उनके खिलाफ सरकार कोई सख्त कार्रवाई नहीं करेगी। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत देते हुए यह भी कहा कि समय पर लौटने वालों की हड़ताल अवधि का समायोजन छुट्टियों के माध्यम से कर दिया जाएगा, ताकि उन्हें आर्थिक या सेवा संबंधी नुकसान न हो।

मार्च क्लोजिंग और 46 लाख आवेदनों का दबाव
उपमुख्यमंत्री ने विभाग की व्यस्तता का हवाला देते हुए कहा कि मार्च का महीना राजस्व कार्यों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। वर्तमान में राज्य में मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा, राजस्व महाअभियान और ई-मापी जैसे कई जनहितैषी कार्यक्रम चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व महाअभियान के तहत अब तक करीब 46 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन्हें 31 मार्च तक हर हाल में निपटाने का लक्ष्य रखा गया है। विजय सिन्हा ने जोर देकर कहा कि अंचल कार्यालयों का काम सीधे आम जनता की जमीन, प्रमाण-पत्र और राजस्व सेवाओं से जुड़ा होता है, इसलिए साल के आखिरी वक्त में हड़ताल जनता के साथ अन्याय है।

दबाव की राजनीति नहीं, संवाद से निकलेगा समाधान
अधिकारियों की मांगों और उनकी चिंताओं पर बोलते हुए विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि दबाव की राजनीति से कभी भी स्थाई समाधान नहीं निकलता है। उन्होंने भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (DCLR) से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि यह मामला सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन है। यदि अधिकारी अनुशासन दिखाते हुए काम पर लौटते हैं, तो सरकार उनके हक और वाजिब मांगों पर बेहद सकारात्मक और उदारता के साथ विचार करने को तैयार है। उन्होंने साफ किया कि सरकार समस्याओं के प्रति संवेदनशील है, लेकिन प्रशासनिक अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा।

सुशासन और जनहित सरकार की प्राथमिकता
अंत में उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को याद दिलाया कि राज्य सरकार का प्राथमिक उद्देश्य हमेशा जनहित और सुशासन रहा है। उन्होंने अपील की कि अधिकारी जनता के कार्यों को प्राथमिकता दें और अच्छे परिणाम सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर अधिकारी जिम्मेदारी से भागते हैं और निर्धारित समय सीमा में काम पूरा नहीं होता है, तो सरकार को मजबूरन कड़े कदम उठाने पड़ेंगे। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि उपमुख्यमंत्री के इस 'सॉफ्ट अल्टीमेटम' के बाद कितने अधिकारी काम पर वापस लौटते हैं।

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