लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आखिरकार सदन में खारिज हो गया। करीब 13 घंटे चली तीखी बहस के बाद ध्वनि मत से प्रस्ताव गिर गया और अध्यक्ष के प्रति सदन का विश्वास बरकरार रहा।
बहस के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष, खासकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के रवैये पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला। वहीं विपक्षी सांसदों ने अध्यक्ष की निष्पक्षता पर सवाल दोहराए।
चर्चा के अंतिम चरण में सदन का माहौल गरमा गया और शोर-शराबे के बीच प्रस्ताव लाने वाले सांसद अपनी बात पूरी तरह नहीं रख पाए।
सबसे बड़ा सवाल यही है-
जब अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया, तो अब संसद के अंदर विपक्ष की रणनीति क्या होगी?
इसी मुद्दे पर हरिभूमि और INH के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ विशेष “चर्चा” में राजनीतिक दलों के प्रवक्ताओं, वरिष्ठ पत्रकारों और विश्लेषक ने खुलकर अपनी राय रखी।
चर्चा में शामिल हुए-
- राधिका खेड़ा – राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा
- देवेंद्र वर्मा – पूर्व प्रमुख सचिव, विधानसभा छत्तीसगढ़
- डॉ. हिलाल अहमद – प्रवक्ता, कांग्रेस
- राजकुमार सिंह – वरिष्ठ पत्रकार
इस गंभीर मुद्दे पर किसने क्या कहा?










