राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोपों ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। उत्तर बंगाल में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने आ गए हैं।
केंद्र सरकार का कहना है कि राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य होता है और इसकी अनदेखी गंभीर मामला है। इस विवाद के बाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
केंद्र सरकार ने इस मामले में राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना को “संविधान और आदिवासी गौरव का अपमान” बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है और टीएमसी सरकार पर सत्ता के अहंकार का आरोप लगाया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह एक निजी कार्यक्रम था, इसलिए प्रोटोकॉल उल्लंघन का सवाल ही नहीं उठता।
सबसे बड़ा सवाल-
क्या यह वास्तव में प्रोटोकॉल उल्लंघन का मामला है या फिर राजनीतिक विवाद को बढ़ाया जा रहा है?
इसी मुद्दे पर हरिभूमि और INH के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ विशेष “चर्चा” में राजनीतिक दलों के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ पत्रकार ने अपनी-अपनी राय रखी।
चर्चा में शामिल हुए-
- संजय चक्रवर्ती– प्रवक्ता, TMC
- श्रवण गर्ग– वरिष्ठ पत्रकार
- माधवी अग्रवाल– प्रवक्ता, बीजेपी
- डॉ. अजय उपाध्याय– प्रवक्ता, कांग्रेस
इस गंभीर मसले पर किसने क्या कहा?










