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छत्तीसगढ़ विधानसभा में 24 फरवरी को पेश हुए 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट ने सियासी और आर्थिक हलकों में बहस छेड़ दी है। साय सरकार के तीसरे बजट को जहां विकास का विज़न बताया जा रहा है, वहीं विपक्ष इसे कर्ज और गारंटी की राजनीति करार दे रहा है।

  • क्या मोदी की ‘गारंटी’ राज्य की अर्थव्यवस्था पर बोझ बनेगी?
  • क्या ‘G.Y.A.N.’ फॉर्मूला सच में प्रदेश की तस्वीर बदलेगा?
  • या यह सिर्फ बड़े वादों का बजट है?

इन्हीं तीखे सवालों पर INH और हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से सीधी और बेबाक बातचीत की।

इंटरव्यू में उठे अहम मुद्दे

  • क्या मोदी की गारंटी को पूरा करने में वित्तीय दबाव बढ़ेगा?
  • क्या बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए अलग पैकेज है?
  • GST कटौती का राज्य पर कितना असर?
  • 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का विज़न क्या है?
  • विपक्ष की आलोचना पर क्या जवाब?

इन सभी सवालों पर वित्त मंत्री ने विस्तार से अपनी बात रखी है।

पूरा इंटरव्यू यहां देखें

क्यों देखें यह इंटरव्यू?
यह सिर्फ बजट की घोषणाओं की चर्चा नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक दिशा, वित्तीय रणनीति और भविष्य की रूपरेखा पर खुली बातचीत है।

अगर आप जानना चाहते हैं कि सरकार का रोडमैप क्या है और आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था किस दिशा में जाएगी, तो यह इंटरव्यू जरूर देखें।

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