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मध्य प्रदेश सरकार दिग्गज गायिका आशा भोसले की याद में एक विशेष अवॉर्ड शुरू करने की योजना बना रही है। यह पहल उनके संगीत योगदान को सम्मान देने और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की जा रही है।

भोपाल। देश की महान गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते हुए मध्य प्रदेश सरकार एक खास पहल करने की योजना बना रही है। हाल ही में मुंबई में 92 वर्ष की उम्र में उनके निधन के बाद राज्य सरकार उनके नाम पर एक विशेष पुरस्कार शुरू करने पर विचार कर रही है। यह पहल उनकी यादों को संजोने और उनके संगीत योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से की जा रही है। राज्य के संस्कृति और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ जल्द ही चर्चा की जाएगी। सरकार का मानना है कि यह कदम भारतीय संगीत जगत में उनके योगदान को लंबे समय तक जीवित रखने में मदद करेगा।

आशा भोसले के योगदान को मिलेगा सम्मान
मंत्री लोधी ने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही लता मंगेशकर के नाम पर राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करती है। ऐसे में आशा भोसले के नाम पर पुरस्कार शुरू करना एक महत्वपूर्ण और सम्मानजनक कदम होगा। यह प्रस्ताव न केवल एक श्रद्धांजलि है, बल्कि भारतीय संगीत के इतिहास में उनके अमूल्य योगदान को पहचान देने का प्रयास भी है। आशा भोसले का करियर आठ दशकों से अधिक समय तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने हजारों गानों को अपनी आवाज दी।

गायकी को विश्व स्तर पर मिली पहचान
आशा भोसले ने 12,000 से अधिक गीत विभिन्न भाषाओं में गाए और विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उनकी आवाज ने फिल्मी गीतों से लेकर ग़ज़ल, भजन और पॉप संगीत तक हर शैली में अपनी छाप छोड़ी। उनकी इसी बहुमुखी प्रतिभा के कारण उन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान मिला। इसके अलावा उन्हें वर्ष 2000 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। आशा भोसले की साधारण शुरुआत से लेकर महान गायिका बनने तक की यात्रा कई कलाकारों के लिए प्रेरणादायक रही है।

नया अवॉर्ड देगा कलाकारों को मंच
प्रस्तावित आशा भोसले एक्सीलेंस अवॉर्ड के तहत नए और स्थापित दोनों तरह के कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। इस पुरस्कार में नकद राशि, प्रदर्शन के अवसर और मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। यह पहल राज्य सरकार की उस योजना का हिस्सा है, जिसके तहत सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने और नए कलाकारों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह अवॉर्ड आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। इस पुरस्कार की शुरुआत को लेकर अभी अंतिम तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन इस घोषणा ने संगीत प्रेमियों के बीच उत्साह पैदा कर दिया है।

मध्य प्रदेश से आशा जी का रहा खास रिश्ता
इंदौर में जन्मी बड़ी बहन लता को सभी इंदौर की बेटी मानते थे। इसी वजह से आशा ताई को भी इंदौरी प्यार से इंदौर की बेटी ही मानते हैं। आशा भोंसले का मध्य प्रदेश से पेशेवर रिश्ता तो था ही, लेकिन उनका निजी लगाव उससे कहीं अधिक गहरा था। साल 2011 का वह दृश्य आज भी भोपाल के लोग आज भी याद करते हैं जब वह मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर लाल परेड ग्राउंड पहुंची थीं। उन्होंने मंच से स्वीकार किया था कि उन्हें भोपाल की शांत फिजा और झीलों से प्यार हो गया है। 1989 में जब उन्हें राज्य सरकार का प्रतिष्ठित 'लता मंगेशकर सम्मान' दिया गया, तो उन्होंने भावुक होकर कहा था कि बड़ी दीदी के नाम का सम्मान उन्हें घर वापसी का अहसास कराता है। वह अक्सर कहती थीं-मध्य प्रदेश के श्रोताओं में सुरों की जो समझ है, वह देश में कहीं और नहीं।

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