राजधानी दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit 2026 के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शर्टलेस प्रदर्शन ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। व्यापारिक समझौतों को लेकर विरोध जताते हुए किए गए इस प्रदर्शन ने भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव को और तेज कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया, जबकि कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा करार दिया।
विवाद यहीं नहीं थमा। कई स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन और तनाव की खबरें भी सामने आईं, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्मा गया है।
सबसे बड़ा सवाल यही है-
क्या ऐसे विरोध से सरकार पर दबाव बनता है या देश की वैश्विक छवि को आघात पहुंचता है?
इसी मुद्दे पर हरिभूमि और INH के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ विशेष “चर्चा” में विभिन्न दलों के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ पत्रकारों ने अपनी-अपनी राय रखी।
इस खास पेशकश में शामिल हुए-
- डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान (प्रवक्ता भाजपा)
- प्रेम कुमार (वरिष्ठ पत्रकार)
- यश भारतीय (प्रवक्ता सपा)
- सुरेंद्र राजपूत ( प्रवक्ता AICC )
इस गंभीर मुद्दे पर किसने क्या कहा?










