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गंगरेल स्थित प्रसिद्ध मां अंगार मोती ट्रस्ट के तत्वावधान में जिला स्तरीय गोंड समाज सामूहिक विवाह समारोह का भव्य आयोजन किया गया। 

उमेश सिंह बशिस्ट- धमतरी। 15 अप्रैल को सामूहिक विवाह एवं आशीर्वाद समारोह होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े करेंगी। अति विशिष्ट अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम होंगे। जीवराखन मरई संरक्षक सर्व आदिवासी समाज एवं अध्यक्ष आदिशक्ति मां अंगारमोती ट्रस्ट गंगरेल ने सभी लोगों से उपस्थिति की अपील की है।

गंगरेल स्थित प्रसिद्ध मां अंगार मोती दाई के पावन आशीर्वाद से आदिशक्ति अंगार मोती ट्रस्ट के तत्वावधान में जिला स्तरीय गोंड समाज सामूहिक विवाह समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में 65 जोड़ों का विवाह पारंपरिक गोंडी रीति-रिवाज “पेन” पद्धति के अनुसार संपन्न कराया गया।  

Mass wedding of 65 couples

प्रकृति पूजा की परंपराओं को दिया गया महत्व 
कार्यक्रम का संचालन आदिवासी ध्रुव गोंड समाज, जिला धमतरी द्वारा किया गया, जिसमें समाज के पुरखा परंपरा, नेंग-दस्तूर और प्रकृति पूजा की परंपराओं को विशेष महत्व दिया गया। गौरा गौरी पूजा, कलश पूजा के बाद लड़की लड़के को स्नान कराकर मड़वा पूजा की गई। इसके बाद देवी, देवता को तेल हल्दी चढ़ाकर दूल्हा दुलहन को एक साथ बैठाकर हल्दी लगाया गया। गढ़वा बाजा के साथ पारंपरिक गीतों के साथ वर वधु को 7 बार हल्दी चढ़ाकर, पुनः 7 बार हल्दी उतारी गई। इसके बाद रात भर वर वधु के साथ सामाजिक लोग पारंपरिक गीतों के धुन पर नृत्य किए।

विवाह समारोह गोंड समाज की प्राचीन संस्कृति
ट्रस्ट के अध्यक्ष जीवराखन मराई ने बताया कि यह विवाह समारोह गोंड समाज की प्राचीन संस्कृति और परंपराओं को सहेजने एवं नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि विवाह संस्कार की शुरुआत फन शक्ति पंच बुढ़ा देव से लेकर सप्तम बड़ादेव की स्थापना के साथ की गई, जो गोंडी संस्कृति की मूल आस्था और प्रकृति पूजन की भावना को दर्शाता है। 

grooms at mass wedding

सभी दुल्हनों को बाजे-गाजे के साथ मां अंगार मोती मंदिर ले जाया गया
समारोह के दौरान सभी दुल्हनों को बाजे-गाजे के साथ पारंपरिक बारात के रूप में मां अंगार मोती दाई के मंदिर ले जाया गया, जहां पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इसके पश्चात सभी जोड़ों को मंडप में लाकर विधिवत मातृका पूजन, तेल कार्यक्रम सहित अन्य पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया। पूरे आयोजन में पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत और नृत्य ने वातावरण को अत्यंत उत्साहपूर्ण बना दिया।

 65 जोड़ों का हुआ सामूहिक विवाह 
जिला अध्यक्ष आदिवासी ध्रुव गोंड समाज माधव सिंह ठाकुर ने कहा कि 65 जोड़ों का यह सामूहिक विवाह समाज की एकता, सहयोग और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से समाज में आपसी भाईचारा मजबूत होता है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर मिलता है। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं एवं समाज के वरिष्ठजनों का विशेष योगदान रहा, जिससे पूरा वातावरण हर्ष और उल्लास से गुंजायमान हो उठा।

कई समाज के लोग रहे उपस्थित 
उन्होंने आगे कहा कि इस आयोजन में न केवल गोंड समाज बल्कि अन्य समाज के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे सामाजिक समरसता का संदेश प्रसारित हुआ। प्रकृति पूजा और देव शक्तियों के आव्हान के साथ  विवाह समारोह समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रहा है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। 

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