भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री कुंवर विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी (Sophia Qureshi Case) पर अपने बयान के लिए एक बार फिर माफी मांगी है। मंत्री विजय शाह का माफीनामा सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से दो सिन पहले आया है। माफी मांगते हुए उन्होंने कहा है कि, 'मेरी एक छोटी सी गलती से इतना बड़ा विवाद खड़ा हो गया।' ऑपरेशन सिन्दूर में भारत का चेहरा बानी कर्नल सोफिया कुरैशी पर मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2024 अनर्गल टिप्पणी की थी। इसके बाद मामला हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।
भावना पर करें विचार
मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा, "मेरा किसी भी महिला अधिकारी, भारतीय सेना, या समाज के किसी भी वर्ग का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। ये शब्द देशभक्ति के जोश, उत्साह और जुनून में कहे गए थे। गलती के पीछे की भावना पर विचार किया जाना चाहिए। जैसा कि आप सभी जानते हैं, मेरा कोई गलत इरादा नहीं था। मैंने कई बार ईमानदारी से माफी मांगी है, और आज फिर से ऐसा कर रहा हूं। मेरे लिए यह बहुत दुख की बात है कि मेरी एक छोटी सी गलती से इतना बड़ा विवाद खड़ा हो गया।"
मैंने गलती से सबक सीखा
"मुझे विश्वास है कि मेरी भावनाओं को सही संदर्भ में समझा जाएगा। मेरे मन में हमेशा भारतीय सेना के लिए बहुत सम्मान रहा है और रहेगा। सार्वजनिक जीवन में, शब्दों की मर्यादा और संवेदनशीलता बहुत महत्वपूर्ण होती है। मैंने इस घटना पर विचार किया है, इससे सबक सीखा है, और मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूँ। मैं भविष्य में अपने शब्दों को लेकर ज्यादा सावधान रहूंगा, और ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। एक बार फिर, मैं सभी नागरिकों, भारतीय सेना, और इस मामले से जुड़े सभी लोगों से ईमानदारी से माफी मांगता हूं।"
#WATCH | Indore | MP minister Kunwar Vijay Shah apologises over his statement on Colonel Sofia Qureshi.
— ANI (@ANI) February 7, 2026
MP minister Kunwar Vijay Shah says, "...I had no intention of insulting any female officer, the Indian Army, or any section of society...The words were uttered in a moment of… pic.twitter.com/OpdYCAwhzW
सरकार को लेना है निर्णय
दरअसल, मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया पर की गई टिप्पणी मामले में सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा है। मामले की जांच अदालत ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी को दी थी। इस समिति में प्रमोद वर्मा, कल्याण चक्रवर्ती और वाहिनी सिंह शमील हैं। अभियोजन की मंजूरी मामले में मध्यप्रदेश सरकार को 9 फरवरी को अपना जवाब दाखिल करना है। अदातल द्वारा मध्यप्रदेश सरकार को 15 दिन के अंदर निर्णय लेने का समय दिया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार इस मामले में अदालत से समय मांग सकती है।











