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Rewa Child Borewell Fell: रीवा जिले के मनिका (जनेह) गांव में शुक्रवार शाम 6 वर्षीय मयंक आदिवासी बोरवेल में गिर गया। उसे सुरक्षित निकालने पिछले 24 घंटे से बचाव जारी है। बोरवेल के समानांतर खुदाई की गई। अब सुरंग बनाई जा रही है।

Rewa Child Borewell Fell: रीवा के त्योंथर क्षेत्र में शुक्रवार शाम बोरवेल में गिरे 6 वर्षीय मयंक आदिवासी को बाहर निकालने का प्रयास पिछले 24 घंटे से जारी है। रेस्क्यू में जुटी NDRF की टीम बोरवेल के समानांतर 60 गहराई तक खुदाई की, लेकिन पानी निकल आया। इसके बाद बाेर तक पहुंचने टनल बनाई जा रही है। बच्चा शुक्रवार शाम साढ़े तीन बजे बोरवेल में गिरा था। रेस्क्यू का काम 5 बजे शुरू हुआ। 24 घंटे बाद भी उसे बाहर नहीं निकाला जा सका। 

 

ऑक्सीजन की आपूर्ति, बच्चे पर नजर रखने बोरबेल में डाला सीसीटीवी कैमरा 
एनडीआरएफ की एक टीम वाराणसी से बुलाई गई है। एडिशन एसपी अनिल सोनकर ने बताया, पाइप के जरिए बोरवेल में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। बच्चे की स्थिति पर नजर रखने बोरवेल में सीसीटीवी कैमरा डाला गया है, लेकिन वह बच्चे के नजदीक तक नहीं पहुंच पा रहा। बोरवेल 160 फीट गहरा है, बच्चा 70 फीट की गहराई में बच्चा फंसा हुआ है। फिलहाल, सीसीटीवी में उसका मूवमेट नजर नहीं आ रहा।

उम्मीद है हम सफल होंगे: मोहन यादव 
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुखद को बताया। कहा, प्रशासन की टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रशासन बच्चे को बचाने के लिए हर संभव पहल करेगा। हमारे विधायक सिद्धार्थ तिवारी घटनास्थल पर मौजूद हैं। मुझे उम्मीद है कि हम इसमें सफल होंगे।  

2-4 घंटे में रेस्क्यू कर लिया जाएगा : राजेंद्र शुक्ला 
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला भी घटना स्थल पर पहुंचे। कहा, हम उम्मीद ही कर सकते हैं कि बच्चा सकुशल वापस आ जाए। NDRF टीम ने 45 फीट खुदाई कर चुकी है। बोरबेल तक 10 फीट खुदाई करनी है। शुक्रवार शाम 4 बजे से पूरा प्रशासन बचाव अभियान में जुटा है। मुख्यमंत्री लगातार संपर्क में हैं। 2-4 घंटे में बचाव कर लिया जाएगा।

बच्चा संभवतः 45-50 फीट की गहराई में फंसा: कलेक्टर 
रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि हम बोरवेल में गिरे बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हमारी टीम ने 50 फीट की खुदाई कर ली है। कैमरे के माध्यम से जो जानकारी मिली है, बच्चा संभवतः 45-50 फीट की गहराई पर फंसा है। एनडीआरएफ की टीम बच्चे तक पहुंचने के लिए क्षैतिज सुरंग खोद रही है।

Rewa Borewell News
रीवा के जनेह गांव को बोरबेल में गिरे आदिवासी बच्चे को सुरक्षित निकालने बोरबेल के समानांतर खेत की खुदाई करती जेसीबी मशीनें। 

गेहूं की बाली बीनते समय खुले बोर में गिरा मयंक
घटनाक्रम रीवा से 90 किमी दूर जनेह क्षेत्र के मनिका गांव का है। बच्चे का नाम मयंक (6) पिता विजय आदिवासी है। जनेह थाना प्रभारी कन्हैया बघेल ने बताया कि बोरबेल 160 फीट गहरा है। जेसीबी मशीन की मदद से गड्ढा खुदवाकर बच्चे को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चा मयंक आदिवासी गेहूं की बाली बिनने के लिए खेत गया था। जहां वह खुले पड़े बोरबेल में गिर गया।


Rewa Child Borewell Fell

रीवा के जनेह में वह बोर दिखाते स्थानीय लोग, जिसमें गिरा है मयंक आदिवासी। 

मां की तबीयत बिगड़ गई, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल 
बच्चे की बदहवास मां शीला आदिवासी मासूम बेटी को गोद में लेकर रातभर घटनास्थल पर बैठी रही। सुबह उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। आसपास मौजूद लोगों ने ढाढ़स बंधाया और डॉक्टरों ने जरूरी दवाएं दी। मयंक के अन्य परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। दादा हिन्चलाल और नानी निर्मला आदिवासी ने कहा, भगवान पर भरोसा है। वह मयंक की मदद करेंगे।  
 

Rewa Child Borewell Fell
रीवा में गेहूं की बाली बिनते समय 160 फीट गहरे बोरवेल में गिरा आदिवासी बच्चा, 17 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, नजर नहीं आ रहा मूवमेंट

कैमरे में नहीं दिचा रहा बच्चे का मूवमेंट,  8 जेसीबी से खुदाई
मयंक को सुरक्षित बाहर निकालने बोरवेल के समानांतर 8 जेसीबी मशीनों से खुदाई कर रही हैं। फिलहाल, बच्चे का कोई मूवमेंट दिखाई नहीं दे रहा। बताया गया कि मिट्टी गिरने से वह और गहराई में चला गया। रातभर हुई रिमझिम बारिश भी रेस्क्यू में खलल डालती रही। स्थानीय विधायक सिद्धार्थ तिवारी, कांग्रेस की लोकसभा प्रत्याशी नीलम मिश्रा और कलेक्टर प्रतिभा पाल सहित अन्य आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। 

बोरबेले के बगल में खुदाई से निकला पानी, बाल्टियां लेकर पहुंचे लोग 
जनेह गांव में मयंक आदिवासी को बचाने के लिए बोरबेले के बगल में खोदे जा रहे गड्ढे से पानी निकल आया है, लेकिन बच्चे मयंक का पता नहीं चला। पानी निकालने के लि मोटर लगाई गईं, वहीं ग्रामीण घरों से बाल्टियां लेकर दौड़ पड़े। फिलहाल, बचाव कार्य जारी है।  

हीरामणि ने तीन साल पहले कराया था बाेर, पानी नहीं निकला तो खुला छोड़ा 
गेहूं के जिस खेत में 6 साल का मयंक आदिवासी गिरा है। वह भाजपा नेता हीरामणि मिश्र का खेत है। तीन साल पहले उन्होंने इसे खुदवाया था, लेकिन कवर नहीं कराया।पानी न होने के कारण खुला छोड़ दिया। शुक्रवार को हार्वेस्टर से गेहूं की कटाई हो रही थी और हार्वेस्टर के पीछे पीछे मयंक सहित 4 बच्चे गेहूं की बालियां बीन रहे थे। इसी दौरान मयंक बोरबेल में गिर गया। हादसे के बाद से हीरामणि फरार हैं। 

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