CM Rekha Gupta: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज 14 अप्रैल मंगलवार को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र में वॉटर एटीएम परियोजना को शुरू कर दिया है। सीएम रेखा गुप्ता ने वॉटर एटीएम शुरू करके आम लोगों को स्वच्छ और प्योर पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम उठाया है।
वॉटर एटीएम उद्घाटन को स्थानीय लोगों ने भी जनहित की बड़ी पहल के रूप में सराहा है। उद्घाटन के दौरान पार्षद श्रीमती अनीता जैन जी, श्री अमित नागपाल जी, जिलाध्यक्ष श्री अजय खटाना जी, मंडल अध्यक्ष श्री नीतीश जैन जी, श्री नरेश जैन जी, IOCL के सीनियर पदाधिकारीगण समेत बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्यजन उपस्थित रहे थे।
सीएम रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए कहा कि, उनके द्वारा बनाया गया संविधान हर नागरिक को मूलभूत सुविधाओं का अधिकार देता है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार की यह कोशिश है कि उसी सोच को जमीन पर उतारने की दिशा में काम कर रही है, ताकि हर किसी को साफ और सुरक्षित पेयजल की सुविधा मिल सके। जिन इलाकों में इसकी कमी लंबे वक्त से देखी जा रही है, वहां यह सुविधा दी जाएगी।
भारतरत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने हमें ऐसा संविधान दिया, जिसमें मूलभूत सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) April 14, 2026
आज उनकी जयंती के अवसर पर, शालीमार बाग विधानसभा के GP ब्लॉक एवं बेरीवाला बाग ब्लॉक में वॉटर एटीएम का उद्घाटन उसी संकल्प का एक जीवंत विस्तार है।
वार्ड संख्या 55, 56… pic.twitter.com/ME2V1P0ULh
कितनी जगहों पर लगाए एटीएम ?
परियोजना के तहत वार्ड संख्या 55, 56 और 57 में कुल 7 जगहों पर ATM लगाए गए हैं। इन एटीएम के माध्यम से स्थानीय लोगों को नियमित और सुलभ तरीके से प्योर पानी दिया जाएगा। सरकार ने दावा करते हुए कहा है कि इस पहल से हजारों लोगों को सीधा फायदा होगा, वहीं जल संकट से जूझ रहे एरिया को राहत मिलेगी।
वॉटर एटीएम में क्या सुविधाएं मिलेंगी ?
ऐसा भी कहा जा रहा है कि वॉटर एटीएम आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। हर मशीन से प्रति घंटे करीब 2000 लीटर शुद्ध पानी उपलब्ध कराने में सक्षम है। 5-स्टेज RO तकनीक के माध्यम से 3000 TDS तक के पानी को प्योर करती है, इसके अलावा 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था भी की गई है। वॉटर ATM कार्ड की सहायता से प्रति व्यक्ति 20 लीटर पेयजल दिया जाएगा, ताकि पारदर्शिता और सुचारू वितरण सुनिश्चित हो सके।










