Blessing Muzarabani Ban: जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी को पाकिस्तान सुपर लीग ने दो साल के लिए बैन कर दिया। यह कार्रवाई उस फैसले के बाद हुई, जिसमें मुजरबानी ने पीएसएल टीम के साथ अनुबंध होने के बावजूद इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने का फैसला किया। इस पूरे मामले ने फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट में प्रोफेशनल एथिक्स और कॉन्ट्रैक्ट की अहमियत पर फिर सवाल खड़े कर दिए थे।
दरअसल, मुजरबानी आईपीएल और पीएसएल दोनों ही ऑक्शन में अनसोल्ड रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें पीएसएल टीम इस्लामाबाद यूनाइटेड ने रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर साइन किया था। इसके बावजूद उन्होंने यह कॉन्ट्रैक्ट छोड़कर आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स जॉइन कर ली, जहां वे बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान के स्थान पर शामिल हुए थे। केकेआर ने भारत-बांग्लादेश के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव के चलते मुस्तफिजुर का कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया था।
ब्लेसिंग मुजरबानी 2 साल के लिए बैन
आईपीएल में मौका मिलने के बाद मुजरबानी ने शानदार प्रदर्शन भी किया। उन्होंने अब तक दो मैच खेले और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में 4 विकेट लेकर 41 रन दिए। उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया लेकिन PSL का यह फैसला उनके करियर पर असर डाल सकता है।
मुजरबानी को लेकर पीएसएल ने क्या कहा?
पीएसएल ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट में पारदर्शिता और अनुशासन बेहद जरूरी। किसी एक लीग के साथ अनुबंध होने के बावजूद दूसरी लीग में जाना नियमों का उल्लंघन है। बोर्ड ने साफ किया कि अगर ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं की गई, तो इससे फ्रेंचाइज़ी और खिलाड़ियों के बीच भरोसा कमजोर होगा। इसी वजह से दो साल का बैन लगाया गया।
पहले भी ऐसी कार्रवाई हो चुकी
यह पहला मामला नहीं है। पिछले सीजन में दक्षिण अफ्रीका के ऑलराउंडर कॉर्बिन बॉश को भी इसी तरह के मामले में एक साल के लिए बैन किया गया था। वहीं इस साल दासुन शनाका और स्पेन्सर जॉनसन के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही।









