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बलौदा बाजार जिले से लगे ग्राम लिमही में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर के विरोध में सैकड़ों ग्रामीण सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां पुलिस और ग्रामीणों के बीच जमकर बहस की स्थिति बन गई। 

कुश अग्रवाल-बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले से लगे ग्राम लिमही में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर के विरोध में सैकड़ों ग्रामीण सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां पुलिस और ग्रामीणों के बीच जमकर बहस की स्थिति बन गई। ग्रामीण कलेक्टर दीपक सोनी से सीधे मिलने पर अड़े रहे, जबकि पुलिस अधिकारियों ने धारा 144 का हवाला देते हुए उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।

पुलिस ने ग्रामीणों को कहा कि,  वे बाहर से ही तहसील कार्यालय में जाकर अपना आवेदन जमा करें। इस दौरान मौके पर मौजूद बलौदाबाजार सिटी कोतवाली प्रभारी और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस भी हुई। ग्रामीणों, खासकर महिलाओं ने पुलिस अधिकारी से कहा कि, वे अपर कलेक्टर के निर्देश पर ही कलेक्टर से मिलने आए हैं। 

पुलिस की दुव्यवहार से ग्रामीण परेशान
इस पर थाना प्रभारी द्वारा कथित तौर पर उन्हें झूठ बोलने की बात कहते हुए कहा गया कि, अगर बुलाया है तो यहीं बुलाओ, अपर कलेक्टर को मैं खुद अपर कलेक्टर से पूछता हूं। ग्रामीणों का आरोप है कि,  इस तरह का व्यवहार पुलिस की संवेदनहीनता को दर्शाता है और इससे लोगों में आक्रोश बढ़ा। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्वक अपनी समस्या रखने आए थे, लेकिन उन्हें मिलने तक नहीं दिया गया।

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