अमित गुप्ता- रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मैट्रीमोनियल के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस की रेड में मौके से कॉल सेंटर में कॉल करने वाली तकरीबन दर्जन भर युवतियां और मौके से कई सरकारी विभागों के फर्जी सेल बरामद हुए हैं। पुलिस ने संचालक सहित दर्जन भर युवतियों को हिरासत में लिया है और सबसे पूछताछ की जा रही है। यह पूरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
फर्जी कॉल सेंटर में पुलिस ने मारा छापा
दरअसल, पुलिस को शहर के दरोगा पारा इलाके में फर्जी कॉल सेंटर संचालित होने की लगातार शिकायत मिल रही थी। इस पर पुलिस ने छापा मारकर इस पूरे गोरखधंधे का खुलासा किया। पुलिस ने दरोगा पारा क्षेत्र में संचालित शांति देवी सोसायटी एंड एजुकेशन और निधि जन सेवा केंद्र में एक साथ रेड की कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान कॉल सेंटर से 18 से 22 साल की दर्जन भर से अधिक युवतियां मिलीं, जो कॉलिंग का काम कर रही थीं।
रायगढ़ जिले में पुलिस ने फर्जी मैट्रीमोनियल कॉल सेंटर पर छापा मारकर ठगी गिरोह का खुलासा किया। मौके से दर्जन भर युवतियां, फर्जी सील और नकली ड्राइविंग लाइसेंस बरामद। @RaigarhDist #Chhattisgarh pic.twitter.com/hYnEYHkLxW
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) April 13, 2026
युवतियों से करवाया जाता है फर्जी कॉल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि, आरोपी मैरिज ब्यूरो के नाम पर युवकों का रजिस्ट्रेशन करते थे और फिर लड़कियों की तस्वीर दिखाकर उन्हें झांसे में लेते थे। इसके बाद कॉल सेंटर की युवतियों से फर्जी कॉल करवाकर ठगी को अंजाम दिया जाता था। पुलिस को मौके से कई सरकारी विभागों के फर्जी सील और बड़ी संख्या में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस भी बरामद हुए हैं।
रायगढ़ जिले में पुलिस ने फर्जी मैट्रीमोनियल कॉल सेंटर पर छापा मारकर ठगी गिरोह का खुलासा किया। मौके से दर्जन भर युवतियां, फर्जी सील और नकली ड्राइविंग लाइसेंस बरामद। @RaigarhDist #Chhattisgarh pic.twitter.com/EzzE94RVny
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मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस
लाइसेंस में आरटीओ के फर्जी हस्ताक्षर पाए गए हैं। यह पूरा नेटवर्क ग्राहक सेवा केंद्र के नाम पर संचालित किया जा रहा था और दरोगा पारा में दो अलग-अलग संस्थानों के जरिए मिलकर इस ठगी को अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की पतासाजी में जुटी हुई है।
यूट्यूब वीडियो अपलोड करने का दिया था काम
इधर मामले में संस्थान की संचालिका का कहना है कि, वे एजुकेशन सोसाइटी चलाते हैं। उन्हें एक साथी ने इंडिया मेट्रीमोरियल नाम के एक साइट में यूट्यूब वीडियो अपलोड करने का काम दिया था। उनके स्टाफ सिर्फ यूट्यूब में वीडियो अपलोड करने का काम करते थे। इससे ज्यादा उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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