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धमतरी जिले में ओबीसी संयोजन समिति के नेतृत्व में ‘संविधान बचाओ-आरक्षण लागू करो’ कार्यक्रम आयोजित हुआ।

गोपी कश्यप- नगरी। धमतरी में ओबीसी संयोजन समिति छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को 'संविधान बचाओ-आरक्षण लागू करो' कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के उपरांत ओबीसी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए जातिवार जनगणना और 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।

विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि रहे उपस्थित
ज्ञापन में यूजीसी में सह-आरक्षण लागू करने, मंडल आयोग की सिफारिशों के पूर्ण क्रियान्वयन, न्यायपालिका में ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने तथा क्रीमी लेयर एवं एनएफएस जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ओबीसी समाज के लोग, युवा, छात्र और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Save Constitutionओबीसी समाज को पूर्ण अधिकार नहीं मिलने जारी रहेगा संघर्ष
समिति के संस्थापक अधिवक्ता शत्रुहन सिंह साहू ने कहा कि यह आंदोलन संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए है और जब तक ओबीसी समाज को उनके पूर्ण अधिकार नहीं मिलते, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। वहीं कार्यकारी अध्यक्ष टिकेश्वर सिंह ने कहा कि, जातिवार जनगणना से ही समाज की वास्तविक स्थिति सामने आएगी, जिसके आधार पर नीतियां बनाई जानी चाहिए।

इन्होंने महिलाओं की भागीदारी बताया जरुरी
युवा प्रतिनिधि विशेष बघेल और नारायण साहू ने युवाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि, आज का युवा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और सरकार की जिम्मेदारी है कि शिक्षा एवं रोजगार में समान अवसर सुनिश्चित करे। भजन जांगड़े एवं पंडित घनश्याम ने महिलाओं की भागीदारी को जरूरी बताते हुए कहा कि, ओबीसी महिलाओं को भी समान अवसर और प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

इस दौरान ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम के पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की। इस दौरान विशेष बघेल, शैलेन्द्र कुमार, नारायण साहू, भजन जांगड़े, मोनिका साहू, रितेश, विजय कुमार, राहुल गुप्ता, द्वारिका प्रसाद साहू, पंडित घनश्याम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। 

7 ज्वलंत मुद्दों को लेकर आंदोलन
वहीं 21 अप्रैल को तूता-माना में भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा प्रस्तावित 7 ज्वलंत मुद्दों को लेकर होने वाले बड़े आंदोलन को भी समिति ने समर्थन देने की घोषणा की। 

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