Nitish Kumar Rajya Sabha Oath Ceremony: बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की पटकथा लिखी जा चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वे 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। उनके दिल्ली जाने के साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर चल रही अटकलों पर जेडीयू नेता संजय झा ने बड़ा बयान दिया है।
संजय झा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को दोपहर करीब 12:15 बजे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इस समारोह में बीजेपी और जेडीयू के कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद नीतीश कुमार वापस पटना लौट आएंगे, जिसके बाद राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो जाएगी।
13 अप्रैल के बाद शुरू होगी प्रक्रिया
नई सरकार के गठन को लेकर संजय झा ने स्पष्ट किया कि 13 अप्रैल के बाद बिहार में सरकार बनाने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। माना जा रहा है कि 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद एनडीए (NDA) विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें नए नेता का चुनाव कर राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा।
पटना, बिहार: जनता दल (यूनाइटेड) के राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने कहा, "नीतीश कुमार आज दिल्ली जा रहे हैं, कल 12:15 बजे उनका शपथ ग्रहण पार्लियामेंट हाउस में है। चेयरमैन साहब दिलवाएंगे...13 तारीख तक खरमास है, 13 के बाद, खरमास के बाद 14 तारीख से सब कुछ रोल आउट हो जाएगा।" pic.twitter.com/VFZRQxZTaT
— IANS Hindi (@IANSKhabar) April 9, 2026
विजय चौधरी ने इस्तीफे पर दिया ये बयान
नीतीश कुमार के दिल्ली रवाना होने से पहले मंत्री विजय चौधरी ने पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल तो नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री हैं और उन्होंने अभी इस्तीफा नहीं दिया है। उनके अनुसार, इस्तीफे के बाद ही अगली प्रक्रिया के बारे में स्थिति साफ होगी। वहीं, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सम्राट चौधरी के दिल्ली दौरे को सामान्य बताते हुए कहा कि वे अक्सर संगठनात्मक कार्यों से दिल्ली जाते रहते हैं।
तय रोडमैप पर आगे बढ़ रहा है एनडीए
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में सत्ता हस्तांतरण की पूरी प्रक्रिया एक तय रोडमैप के तहत चल रही है। नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना और फिर राज्य में नए नेता का चुनाव होना, यह सब एनडीए के शीर्ष नेतृत्व के बीच पहले ही तय हो चुका है। अब बस तारीखों के अनुसार औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है, ताकि 15 अप्रैल तक नई सरकार का शपथ ग्रहण संपन्न हो सके।










