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बिहार सरकार ने साल 2019 से पुराने सभी वाहनों के लिए HSRP अनिवार्य कर दिया है। एक महीने की समय सीमा के बाद बिना हाई सिक्योरिटी प्लेट वाली गाड़ियों पर 5 से 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगेगा।

Bihar HSRP Rule: बिहार में पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) न लगवाना अब जेब पर भारी पड़ सकता है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में करीब 52 लाख गाड़ियाँ ऐसी हैं जो अब भी पुरानी नंबर प्लेट के साथ सड़कों पर दौड़ रही हैं। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि साल 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों में एक महीने के भीतर HSRP लगवाना अनिवार्य है। इसके बाद विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भारी जुर्माने का प्रावधान
अगर आप तय समय सीमा के भीतर अपनी गाड़ी पर नई प्लेट नहीं लगवाते हैं, तो मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192 और 50 के तहत भारी चालान का सामना करना पड़ेगा। विभाग के अनुसार, बिना HSRP वाली गाड़ियों पर 5,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कदम न केवल नियमों के पालन के लिए है, बल्कि सड़क सुरक्षा और वाहनों की ट्रैकिंग को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।

कैसे लगवाएं और डेटा कैसे अपडेट करें?
वाहन मालिक अपने नजदीकी अधिकृत डीलर या वाहन एजेंसी पर जाकर HSRP के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, जिला परिवहन कार्यालय (DTO) से भी इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी ली जा सकती है। यदि आपकी गाड़ी में पहले से ही HSRP लगी है और फिर भी आपको प्लेट बदलवाने का मैसेज मिल रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों में आपको केवल अपने संबंधित DTO कार्यालय जाकर पोर्टल पर अपना डेटा अपडेट करवाना होगा।

क्यों जरूरी है HSRP?
HSRP यानी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट एल्युमिनियम से बनी एक विशेष प्लेट होती है, जिसे दोबारा नहीं निकाला जा सकता। इसमें 10 अंकों का यूनिक लेजर कोड और नीले रंग का अशोक चक्र होलोग्राम होता है, जिससे छेड़छाड़ करना नामुमकिन है। साधारण नंबर प्लेट को अपराधी आसानी से बदलकर वारदातों को अंजाम देते थे, लेकिन HSRP के आने से वाहनों की चोरी और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगेगी। सरकार का संदेश साफ है- सुरक्षा और नियम के साथ अब कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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