गोपी कश्यप- धमतरी। अध्यक्ष अरुण सार्वा के प्रयास से 6.6 करोड़ के पुल निर्माण को स्वीकृति मिली है। नगरी–जबर्रा मार्ग पर काजल (कलस) नदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण के लिए राज्य शासन द्वारा 6 करोड़ 62 लाख रुपये (लगभग 6.6 करोड़) की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा और वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान होगा।
बरसात के दिनों में नदी में जलस्तर बढ़ने से नगरी और आसपास के गांवों का संपर्क बाधित हो जाता था, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पुल निर्माण के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी और लोगों को सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
अध्यक्ष अरुण सार्वा ने दी जानकारी
जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि यह पुल क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जिसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि, इस पुल के निर्माण हो जाने से नगरी से गरियाबंद की दूरी महज 35 से 40 किलोमीटर ही रह जाएगी, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और भी मजबूत होगा। साथ ही नगरी–जबर्रा मारागांव मार्ग सहित बिंद्रा नाला के निर्माण को लेकर भी आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
सीएम और PWD मंत्री का जताया आभार
उन्होंने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं राज्य सरकार के उपमुख्यमंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की संवेदनशीलता और विकास के प्रति प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि आज यह महत्वपूर्ण कार्य स्वीकृत हुआ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निर्माण कार्य गुणवत्ता और समयसीमा के अनुरूप पूरा कराया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने जताई खुशी
राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह कार्य लोक निर्माण विभाग के माध्यम से सभी आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पारदर्शी ढंग से संपादित किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। पुल निर्माण से न केवल दूरी कम होगी, बल्कि नगरी और गरियाबंद के बीच आर्थिक, सामाजिक और व्यापारिक संबंध भी और मजबूत होंगे।
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