Bihar Weather Alert: बिहार में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है, जिससे पूरे प्रदेश में अफरा-तफरी का माहौल है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के सभी 38 जिलों में बारिश और आंधी-तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग ने 12 जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' और बाकी 26 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। खासकर गया, नवादा और मुंगेर जैसे 6 जिलों में अगले कुछ घंटों के लिए विशेष चेतावनी दी गई है।
पटना में दोपहर में हुई झमाझम बारिश
राजधानी पटना में बुधवार की सुबह से ही बादलों का डेरा था। हल्की बूंदाबांदी के बाद दोपहर में तेज बारिश हुई, जिससे भीषण गर्मी से तो राहत मिली लेकिन जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। रक्सौल, सासाराम और बेगूसराय समेत राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। अधिकांश इलाकों में आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाएं चल रही हैं।
12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट का क्या है मतलब?
मौसम विभाग ने जिन 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, वहां स्थिति गंभीर हो सकती है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। विभाग ने इन जिलों में वज्रपात (बिजली गिरने) को लेकर सबसे ज्यादा सतर्क रहने को कहा है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान वे पक्के मकानों में ही शरण लें।
इन 6 जिलों के लिए विशेष चेतावनी
IMD ने गया, जमुई, नवादा, बांका, लखीसराय और मुंगेर जिले के लिए अगले तीन घंटों का विशेष अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मेघ गर्जन के साथ तेज बारिश की प्रबल संभावना है। इसके अलावा उत्तर बिहार के गोपालगंज और पश्चिम चंपारण के इलाकों में भी मौसम काफी अस्थिर बना हुआ है।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बिहार में यह स्थिति बनी है। साथ ही, एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) भी सक्रिय है, जिससे वायुमंडल में दबाव कम हुआ है और अचानक तेज बारिश व आंधी की स्थिति बन रही है।
अगले दो दिनों तक नहीं मिलेगी राहत
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों तक बिहार में मौसम का यही रुख बना रहेगा। आंधी, बारिश और बिजली गिरने का सिलसिला गुरुवार और शुक्रवार को भी जारी रह सकता है। तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन वज्रपात के खतरों को देखते हुए किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।










